शिमला: (HD News); देवभूमि में सक्रिय नशा माफिया की जड़ों पर वार करते हुए शिमला पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज के जरिए अंतरराज्यीय चिट्टा सप्लाई चेन की दो सबसे अहम कड़ियों को ध्वस्त कर दिया है। पुलिस ने पंजाब में विशेष दबिश देकर दो बड़े मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। शिमला सिटी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मेहर पंवर ने मामले की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए साफ किया कि पुलिस अब केवल खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने के लिए सीधे सरगनाओं पर शिकंजा कस रही है।

शोघी 1.120 किलो हेरोइन मामला: तरनतारन से मुख्य सप्लायर 'सुल्तान' गिरफ्तार
एएसपी मेहर पंवर ने बताया कि 3 अगस्त को शोघी के समीप 1 किलो 120 ग्राम हाई-ग्रेड हेरोइन के साथ विजय कुमार को पकड़ा गया था। रिमांड के दौरान गहन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण से पंजाब के तरनतारन निवासी शुभकरमन सिंह उर्फ सुल्तान का नाम मुख्य सप्लायर के तौर पर सामने आया। जांच में खुलासा हुआ कि तस्कर पुलिस की रडार से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड 'Signal App' का इस्तेमाल कर रहे थे। शिमला पुलिस की विशेष टीम ने तरनतारन में रणनीतिक ऑपरेशन चलाकर सुल्तान को दबोच लिया।
कोटखाई चिट्टा मामला: चंडीगढ़ के बाद जालंधर से सप्लायर 'लाडी' गिरफ्तार
दूसरे मामले का ब्यौरा देते हुए एएसपी ने बताया कि 3 जुलाई को कोटखाई पुलिस ने तीन आरोपियों से 64 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। बैकवर्ड लिंकेज की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस पहले चंडीगढ़ पहुंची और वहां से अमित महावे को गिरफ्तार किया गया। अमित से पूछताछ में नेटवर्क के एक अन्य बड़े खिलाड़ी कोमलप्रीत सिंह उर्फ लाडी का नाम उजागर हुआ। तकनीकी जांच में साबित हुआ कि लाडी नियमित रूप से अमित को हेरोइन सप्लाई कर रहा था। शिमला पुलिस ने तुरंत जालंधर में दबिश देकर 8 अगस्त को लाडी को भी गिरफ्तार कर लिया।

2026 में अब तक 50 ड्रग नेटवर्क ध्वस्त, ₹6.38 करोड़ की संपत्तियां फ्रीज
शिमला पुलिस के आक्रामक अभियान के आंकड़े साझा करते हुए एएसपी मेहर पंवर ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक ND&PS एक्ट के तहत 216 मामले दर्ज कर 448 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। बैकवर्ड लिंकेज इन्वेस्टिगेशन के दम पर पुलिस अब तक 66 बड़े सप्लायरों को गिरफ्तार कर 50 अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त कर चुकी है।
इस अवधि के दौरान पुलिस ने 4.4 किलोग्राम हेरोइन/चिट्टा जब्त किया है। नशा तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए वित्तीय जांच के तहत अब तक ₹6 करोड़ 38 लाख की अवैध संपत्तियां जब्त व फ्रीज की जा चुकी हैं। साथ ही, आदतन अपराधियों पर नकेल कसने के लिए PITNDPS एक्ट के तहत 40 निवारक निरोध (Preventive Detentions) की कार्रवाई भी अमल में लाई गई है। पुलिस अब इन दोनों सप्लायरों के संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर पूरे नेटवर्क की अंतिम कड़ी तक पहुंचने में जुटी है।
