हिमाचल प्रदेश में बहुचर्चित हिमकेयर योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच ने अब प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया है। योजना में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर शिमला स्थित विजिलेंस मुख्यालय में भरमौर से भाजपा विधायक और IGMC के पूर्व मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. जनक राज से करीब तीन घंटे तक कड़ी पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद बाहर निकले भाजपा विधायक ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए इसे राजनीतिक द्वेष करार दिया और विजिलेंस की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग रख दी। डॉ. जनक राज ने स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल के दौरान 95 करोड़ रुपये के क्लेम नियमों और तय SOP के तहत ही पास हुए थे, जिसका पूरा रिकॉर्ड अस्पताल में मौजूद है। पढ़ें विस्तार से..
शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश में बहुचर्चित हिमकेयर योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच ने अब सियासी गलियारों में तपिश बढ़ा दी है। इसी कड़ी में भरमौर से भाजपा विधायक एवं इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) के पूर्व मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. जनक राज गुरुवार को शिमला स्थित राज्य विजिलेंस मुख्यालय में पेश हुए, जहां जांच अधिकारियों ने उनसे करीब तीन घंटे तक सघन पूछताछ की।

विजिलेंस दफ्तर से बाहर निकलने के बाद भाजपा विधायक ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूरी कार्रवाई को विशुद्ध रूप से "राजनीतिक प्रतिशोध" करार देते हुए दो टूक कहा कि अगर सरकार वाकई पारदर्शी और निष्पक्ष जांच चाहती है, तो विजिलेंस के बजाय हाईकोर्ट के सिटिंग जज से पूरे मामले की जांच कराए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर मौजूदा सरकार ऐसा नहीं करती है, तो भविष्य में भाजपा की सरकार बनने पर इस पूरे प्रकरण की दूध का दूध और पानी का पानी करने वाली जांच करवाई जाएगी।
डॉ. जनक राज ने कहा कि विजिलेंस अधिकारियों ने उनके उस कार्यकाल को लेकर सवाल पूछे जब वह IGMC में बतौर मेडिकल सुपरिटेंडेंट तैनात थे। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के हर सवाल का बिंदुवार जवाब दिया गया है। विधायक के मुताबिक, उनके कार्यकाल के दौरान IGMC में हिमकेयर योजना के तहत करीब ₹95 करोड़ के क्लेम रेज हुए थे और लगभग 47, 000 जरूरतमंद मरीजों को तय SOP के तहत उपचार उपलब्ध कराया गया था। उन्होंने साफ किया कि हर वित्तीय लेन-देन, खरीद और उपचार का पूरा रिकॉर्ड अस्पताल में मौजूद है, जिसे विजिलेंस सीधे IGMC से सत्यापित कर सकती है।

विवाद को लेकर चल रही बयानबाजी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए विधायक ने कहा कि 'पुरुषों की बच्चेदानी के ऑपरेशन' जैसे भ्रामक और हास्यास्पद दावे करके IGMC के सैकड़ों समर्पित डॉक्टरों, सर्जनों और मेडिकल स्टाफ की साख को जबरन कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमकेयर गरीब जनता के लिए शुरू की गई एक पारदर्शी कल्याणकारी योजना थी, जिसमें बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के लाखों लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला है।
विजिलेंस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए भाजपा विधायक ने बड़ा ऐलान किया कि वह जांच के दौरान पूछे गए सभी सवालों को जल्द ही सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का पूरा हक है कि जनकल्याणकारी योजनाओं की आड़ में किस तरह की राजनीति की जा रही है और उनसे क्या-क्या सवाल पूछे गए हैं।
