हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी 10 दिवसीय मॉनसून सत्र को सुचारू और सार्थक बनाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित दोनों पक्षों के प्रमुख नेता मौजूद रहे। स्पीकर ने सदन की उच्च गरिमा और रिकॉर्ड उत्पादकता का हवाला देते हुए पक्ष-विपक्ष से जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा और सत्र को निर्विघ्न चलाने में पूर्ण सहयोग की अपील की।
शिमला : (HD News); हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी 10 दिवसीय मॉनसून सत्र को सुचारू और निर्विघ्न रूप से चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। सत्र से पूर्व बुलाई गई इस अहम बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया और सदन की कार्यवाही को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया उपस्थित रहे।

सदन संचालन में मांगा दोनों पक्षों का सहयोग
बैठक के बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से बातचीत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो, इसके लिए सभी सदस्यों का सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि समय की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी और सभी को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। पठानिया ने जोर दिया कि नियमों के दायरे में रहकर विपक्ष सरकार से सवाल पूछे और सरकार का भी यह दायित्व है कि वह पूछे गए सवालों और सूचनाओं के स्पष्ट व सटीक उत्तर दे।
देश में अव्वल रही 14वीं विधानसभा की उत्पादकता
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 14वीं विधानसभा का कार्य-उत्पादकता रिकॉर्ड देश में सर्वश्रेष्ठ रहा है, जो औसतन 90 से 132 प्रतिशत तक दर्ज किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्षों के सहयोग से सदन की इस उच्च गरिमा और परंपरा को आगे भी बरकरार रखा जाएगा।

शून्यकाल के मुद्दों पर गंभीरता बरतने के निर्देश
बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शून्यकाल (Zero Hour) से जुड़े कुछ विषय उठाए। इस पर स्पीकर ने स्पष्ट किया कि मुख्य सचिव से इस संबंध में पहले ही बात की जा चुकी है, साथ ही उन्होंने संसदीय कार्यमंत्री को भी विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में नेता प्रतिपक्ष सहित दोनों पक्षों के नेताओं ने सदन के सफल संचालन में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
