"हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर आफत बन गया है। पहाड़ों पर हो रही बारिश और बर्फबारी ने सूबे की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लगा दी है। हालात ये हैं कि राज्य में 66 संपर्क मार्गों सहित किन्नौर का अहम नेशनल हाईवे (NH-05) पूरी तरह ठप पड़ गया है, जिससे आवाजाही थम गई है। जनता की मुश्किलें सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं हैं; बिजली विभाग के 116 ट्रांसफार्मरों के हांफ जाने से कई इलाके घुप्प अंधेरे में डूब गए हैं और कड़ाके की ठंड में बिजली संकट गहरा गया है। मंडी, किन्नौर और जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में जनजीवन पूरी तरह से बेपटरी हो चुका है। आइए देखते हैं मौसम की इस मार से जूझते हिमाचल की ग्राउंड रिपोर्ट..."
शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने कड़े तेवर दिखाए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश भर में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की ओर से जारी "MORNING PUBLIC UTILITY REPORT 28.09.2026" के अनुसार, 28 सितंबर 2026 की सुबह 10:00 बजे तक राज्य में 66 संपर्क मार्ग और एक नेशनल हाईवे यातायात के लिए पूरी तरह से अवरुद्ध हो गए हैं। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुँचा है और 116 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर (DTR) ठप होने से कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई है।

मंडी और लाहौल-स्पीति में यातायात सबसे ज्यादा प्रभावित
यातायात के मोर्चे पर सबसे ज्यादा मार मंडी और लाहौल-स्पीति जिलों पर पड़ी है। मंडी जिले में सर्वाधिक 29 सड़कें बंद हैं, जिनमें अकेले सराज सब-डिवीजन की 26, और सुंदरनगर, थलौट व करसोग की 1-1 सड़क शामिल है। जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में 19 सड़कें बाधित हुई हैं, जिनमें से 17 केवल उदयपुर सब-डिवीजन में बंद हैं।
कांगड़ा जिले में भारी बारिश और पहाड़ों से पत्थर गिरने (sliding stone) के कारण 6 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। इसी तरह कुल्लू में 6 (निर्मंड में 3, कुल्लू, बंजार और आनी में 1-1), सिरमौर में 3, ऊना में 2 और शिमला के सुन्नी में 1 सड़क बंद है। वहीं, किन्नौर जिले के पूह में नेशनल हाईवे-05 (NH-05) ब्लॉक हो गया है, जिससे बड़े वाहनों की आवाजाही थम गई है।

अंधेरे में डूबे कई इलाके, किन्नौर व मंडी में गहराया बिजली संकट
खराब मौसम ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भी तगड़ा झटका दिया है। प्रदेश में कुल 116 ट्रांसफार्मर काम नहीं कर रहे हैं। इसका सबसे अधिक खामियाजा किन्नौर जिले को भुगतना पड़ रहा है, जहाँ 42 ट्रांसफार्मर (पूह में 29 और कल्पा में 13) ठप पड़े हैं। मंडी जिले में 34 ट्रांसफार्मर (जोगिंदरनगर में 20 और गोहर में 14) बाधित हुए हैं। इसके अलावा, सिरमौर के राजगढ़ क्षेत्र में 27, शिमला के रामपुर में 7 और चंबा के डलहौजी में 6 ट्रांसफार्मरों की सेवा बंद हो गई है, जिससे इन इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति है।
पेयजल आपूर्ति सुचारू, जनता के लिए बड़ी राहत
इस प्राकृतिक मार के बीच प्रशासन और आम जनता के लिए एक राहत की खबर यह है कि प्रदेश में पेयजल आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ा है। SEOC की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में किसी भी जल आपूर्ति योजना (Water Supply Scheme) के बाधित होने की सूचना नहीं है और बाधित पेयजल योजनाओं का आंकड़ा शून्य (00) दर्ज किया गया है।
फिलहाल, बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर और सोलन जिलों में सड़कें पूरी तरह से खुली हुई हैं। प्रशासन बंद सड़कों और ट्रांसफार्मरों को बहाल करने के काम में जुटा हुआ है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह खबर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC), हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 28 सितंबर 2026 को सुबह 10:00 बजे जारी की गई आधिकारिक रिपोर्ट पर आधारित है। खबर में दिए गए बंद सड़कों, ठप ट्रांसफार्मरों और जल आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े सभी आंकड़े इसी रिपोर्ट के अनुसार हैं। चूंकि प्रशासन द्वारा बहाली का कार्य लगातार किया जा रहा है, इसलिए वर्तमान जमीनी स्थिति और इन आंकड़ों में समय के साथ बदलाव संभव है।