हिमाचल कांग्रेस में चल रही रस्साकशी और सुक्खू सरकार के कैबिनेट विस्तार की अटकलों पर प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने शिमला में बड़ा बयान देकर सभी कयासों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की ओर से जब तक प्रस्ताव नहीं आएगा, कैबिनेट का विस्तार नहीं होगा। लेकिन इस प्रेस वार्ता की असली गूंज उनके उस विस्फोटक बयान से उठी, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता को कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को 'देश का गद्दार' करार दिया। ईवीएम से लेकर पेपर लीक तक मोदी सरकार को घेरते हुए कांग्रेस ने 28 सितंबर को सड़क पर उतरकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर..
शिमला: (HD News); शिमला में लगातार दो दिन की मैराथन बैठकों के बाद हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने तीखे तेवर दिखाए हैं। एक ओर जहां उन्होंने सुक्खू सरकार के बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार की गेंद सीधे मुख्यमंत्री के पाले में डाल दी है, वहीं चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर अब तक का सबसे आक्रामक राजनीतिक हमला बोला है।

कैबिनेट विस्तार पर सस्पेंस, संगठन में 'ऑल इज नॉट वेल'
कैबिनेट विस्तार की अटकलों पर स्पष्टीकरण देते हुए रजनी पाटिल ने साफ किया कि मुख्यमंत्री की ओर से हाईकमान को अब तक कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। जब तक मुख्यमंत्री प्रस्ताव नहीं देंगे, विस्तार नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने संगठन के भीतर चल रही रस्साकशी को भी सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया। पाटिल ने कड़े शब्दों में कहा कि 90 फीसदी जिलाध्यक्षों की शिकायत है कि ब्लॉक अध्यक्ष उनके निर्देशों की अनदेखी करते हैं। उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि संगठन में अनुशासनहीनता किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी, हालांकि उन्होंने इस अंदरूनी खींचतान को 'परिवार की बात' कहकर डैमेज कंट्रोल करने का भी प्रयास किया। आगामी चुनावों को देखते हुए जल्द ही खाली पदों पर नियुक्तियां कर दी जाएंगी।

चुनाव आयोग पर अभूतपूर्व हमला और गंभीर आरोप
प्रेस वार्ता का सबसे आक्रामक हिस्सा सीधे चुनाव आयोग पर केंद्रित रहा। रजनी पाटिल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'देश का गद्दार' करार देते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की। कांग्रेस ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए दावा किया कि महाराष्ट्र में सिर्फ वोट नहीं, पूरी पार्टियां चुरा ली गईं। इसके अलावा उन्होंने बंगाल में 15 लाख और देशभर में 13 करोड़ मतदाताओं को उनके अधिकार से वंचित करने का सनसनीखेज आरोप लगाया। ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर कांग्रेस 28 सितंबर को जिला स्तर पर चुनाव आयोग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेगी।

पेपर लीक और केंद्र की नीतियों पर निशाना
राष्ट्रीय मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरते हुए पाटिल ने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार अमेरिका के दबाव में फैसले ले रही है। देश में लगातार हो रहे पेपर लीक प्रकरण पर उन्होंने दावा किया कि इस विफलता के कारण 70 से 80 छात्रों को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा है। युवाओं के आक्रोश को आवाज देने के लिए उन्होंने घोषणा की कि राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम जल्द ही हिमाचल प्रदेश के छात्रों के बीच भी आयोजित किया जाएगा।