हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां अपने विदेश दौरे के समापन से पहले नॉर्वे की राजधानी ओस्लो स्थित भारतीय दूतावास पहुंचे। दूतावास प्रमुख अनन्या अग्रवाल ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान भारत-नॉर्वे संबंधों के साथ हिमाचल में पर्यटन, शिक्षा, हरित ऊर्जा, सतत विकास और संसदीय सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
ओस्लो: हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां अपने विदेश दौरे के समापन से पूर्व नॉर्वे की राजधानी ओस्लो स्थित भारतीय दूतावास पहुंचे। यहां दूतावास प्रमुख एवं 2013 बैच की आईएफएस अधिकारी अनन्या अग्रवाल ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष और दूतावास प्रमुख के बीच भारत-नॉर्वे संबंधों सहित विभिन्न कूटनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच बढ़ती मित्रता तथा हिमाचल प्रदेश और नॉर्वे के बीच सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में शिक्षा, पर्यटन, हरित ऊर्जा, सतत विकास और संसदीय कार्यप्रणाली के आदान-प्रदान जैसे महत्वपूर्ण विषय प्रमुखता से उठे। विधानसभा अध्यक्ष ने हिमाचल प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं का उल्लेख करते हुए राज्य के धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने में भारतीय दूतावास की भूमिका पर भी चर्चा की।
पठानियां ने दूतावास अधिकारियों के साथ हिमाचल की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत, हिमाचली टोपी, शॉल और अन्य स्थानीय उत्पादों को विदेशों में प्रचारित करने की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए। उन्होंने दूतावास प्रमुख अनन्या अग्रवाल को हिमाचल प्रदेश आने का निमंत्रण दिया।
विधानसभा अध्यक्ष ने दूतावास प्रमुख के आतिथ्य के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए भारत-नॉर्वे संबंधों को मजबूत करने और नॉर्वे में भारतीय समुदाय के सहयोग के लिए दूतावास के प्रयासों की सराहना की।

गांधी जयंती पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि
विदेश दौरे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गांधी जी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, ज्ञान और नैतिक मूल्य आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों का जीवंत उदाहरण था। गांधी जी के विचारों की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाना भी उनके सिद्धांतों के वैश्विक महत्व को दर्शाता है।
पठानियां ने कहा कि वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के बीच गांधी जी की शिक्षाएं यह संदेश देती हैं कि वास्तविक शक्ति नैतिक सत्य, अहिंसा और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में निहित है।
