एशियाई खेलों में अपने अदम्य साहस और उत्कृष्ट खेल कौशल से देश का मान बढ़ाने वाले हिमाचल प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए राज्य सरकार ने खजाना खोल दिया है। पूर्व में घोषित इनामी राशि पर खिलाड़ियों की नाराजगी और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से सीधी वार्ता के बाद, सरकार ने अपना फैसला बदलते हुए स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी खिलाड़ियों और क्रिकेटर रेणुका ठाकुर को एक-एक करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देने का बड़ा एलान किया है। मुख्यमंत्री ने 'गोल्डन गर्ल्स' की मांग को सम्मान देते हुए उन्हें हिमाचल पुलिस में इंस्पेक्टर रैंक की नौकरी देने पर भी मुहर लगा दी है। इसके अलावा, एथलेटिक्स में प्रदेश का परचम लहराने वाले सावन बरवाल और सीमा पर भी सरकार ने करोड़ों की धनवर्षा कर खेल और खिलाड़ियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट कर दी है। पढ़ें विस्तार से -
हिमाचल प्रदेश: एशियाई खेलों की पदक विजेता बेटियों पर सरकार की मेहरबानी, मिलेगा एक करोड़ का इनाम और इंस्पेक्टर की नौकरी
शिमला: (HD News); एशियाई खेलों में अपने शानदार प्रदर्शन से देश और प्रदेश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वर्ण पदक विजेता भारतीय महिला कबड्डी टीम का हिस्सा रहीं हिमाचल की बेटियों को एक-एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि और पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर रैंक की नौकरी देने की घोषणा की है। यह फैसला खिलाड़ियों द्वारा पूर्व में घोषित इनामी राशि पर असंतोष जताने और मुख्यमंत्री से सीधे संवाद के बाद लिया गया है।
पूर्व में हुई थी 33 लाख की घोषणा, खिलाड़ियों ने जताई थी नाराजगी
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने शुरुआत में स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी खिलाड़ियों को 33-33 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। इस इनामी राशि को नाकाफी बताते हुए भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान पुष्पा राणा सहित अन्य खिलाड़ियों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की थी। खिलाड़ियों का तर्क था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने के एवज में उन्हें कम से कम एक करोड़ रुपये की राशि और पुलिस में डीएसपी (DSP) रैंक की नौकरी मिलनी चाहिए।

सचिवालय में मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद बनी सहमति
अपनी इन्हीं मांगों को लेकर सोमवार को खिलाड़ियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिमला सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की। खिलाड़ियों ने इनामी राशि और रोजगार के संबंध में अपना पक्ष पूरी मजबूती से रखा। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की चिंताओं पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए उनकी अधिकांश मांगों को स्वीकार कर लिया। सरकार ने इनामी राशि बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करने और डीएसपी के बजाय इंस्पेक्टर रैंक की नौकरी देने पर अपनी मुहर लगा दी है।
इन्हें मिलेगा लाभ, रितु नेगी पर फैसला बाद में
सरकार के इस फैसले के बाद कबड्डी खिलाड़ी भावना ठाकुर, कप्तान पुष्पा राणा और ज्योति को एक-एक करोड़ रुपये और पुलिस में इंस्पेक्टर पद से नवाजा जाएगा। हालांकि, टीम की एक अन्य प्रमुख खिलाड़ी रितु नेगी के मामले में प्रदेश सरकार बाद में अंतिम निर्णय लेगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रितु नेगी का विवाह हरियाणा में हुआ है और उन्हें वहां की राज्य सरकार द्वारा भी नियमों के तहत पुरस्कृत किया जा रहा है। ऐसे में दोहरे लाभ या तकनीकी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही उनके लिए हिमाचल से कोई अंतिम घोषणा की जाएगी।
क्रिकेटर रेणुका, एथलीट सावन और सीमा पर भी धनवर्षा
कबड्डी खिलाड़ियों के अलावा अन्य खेलों में पदक जीतने वाले एथलीटों को भी राज्य सरकार ने भारी-भरकम इनामी राशि देने का ऐलान किया है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर को भी एक करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, मैराथन में रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीतकर इतिहास रचने वाले मंडी जिले के सावन बरवाल को 2.50 करोड़ रुपये और 10, 000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) जीतने वाली चंबा की सीमा को 1.50 करोड़ रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी।

खिलाड़ियों ने जताया संतोष
बैठक के बाद भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान पुष्पा राणा ने सरकार के फैसले पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "हमने शिमला सचिवालय में मुख्यमंत्री से भेंट कर अपना पक्ष रखा था। मुख्यमंत्री ने न केवल हमें सम्मानित किया, बल्कि हमारी मांग मानते हुए एक-एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि और पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर की नौकरी देने पर भी हामी भर दी है।" सरकार का यह कदम प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और उभरती खेल प्रतिभाओं का मनोबल ऊंचा करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।