चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में हिमाचल प्रदेश को एक बहुत बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्य के छह प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर (Post-Graduate) मेडिकल पाठ्यक्रम की 320 अतिरिक्त सीटों को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से लगभग 415 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय अनुदान प्रदान किया जाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और राज्य सरकार के बीच हुई उच्चस्तरीय चर्चाओं के बाद इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिली है। इन नई सीटों के आवंटन के तहत इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) शिमला में सबसे अधिक 91 सीटें, टांडा और हमीरपुर में 57-57, मंडी में 55, नाहन में 32 तथा चंबा मेडिकल कॉलेज में 28 पीजी सीटें जोड़ी गई हैं। इससे एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं को अपने राज्य के भीतर ही विशेषज्ञता हासिल करने के बेहतरीन अवसर मिलेंगे।
इस महत्वपूर्ण विस्तार से हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में शल्य चिकित्सा (Surgery), हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग और कैंसर उपचार जैसे महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी दूर हो सकेगी। पहाड़ी राज्य होने के कारण ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को सुचारू रूप से पहुंचाना हमेशा से एक चुनौती रहा है, जिसका समाधान इस निर्णय से काफी हद तक निकल सकेगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह समयबद्ध तरीके से इन सभी 320 सीटों के सृजन और इसके लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करे। इस कदम से न केवल प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का दायरा व्यापक होगा, बल्कि आम जनता को उच्च स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं उनके घर-द्वार के नजदीक ही मिल सकेंगी।