नवंबर के पहले कारोबारी सप्ताह में बाजारों में त्योहारी रौनक: धनतेरस से पूर्व सर्राफा बाजार में बढ़ी हलचल, कमर्शियल एलपीजी और जीएसटी आंकड़ों का असर
नवंबर माह के पहले पूर्ण कारोबारी सोमवार की शुरुआत के साथ ही आज देशभर के सर्राफा, इलेक्ट्रॉनिक्स और खुदरा बाजारों में त्योहारी खरीदारी ने जोर पकड़ लिया है। आगामी सप्ताहांत में पड़ने वाले धनतेरस और दीपावली के महापर्व को देखते हुए आज सुबह से ही थोक और खुदरा मंडियों में भारी चहल-पहल है। सोने और चांदी की कीमतों में वैश्विक स्तर पर जारी तेजी के बावजूद, आभूषण विक्रेताओं ने आज से शुरू हो रहे सप्ताह के लिए एडवांस बुकिंग और विशेष फेस्टिव ऑफर्स की शुरुआत कर दी है।
अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अक्टूबर माह के मजबूत जीएसटी (GST) संग्रह और विनिर्माण क्षेत्र के सकारात्मक आंकड़ों ने व्यापारियों के उत्साह को दोगुना कर दिया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) और व्यापारिक संगठनों का अनुमान है कि इस वर्ष के त्योहारी सीजन में स्वदेशी उत्पादों, होम अप्लायंसेज, कपड़ों और सजावटी सामानों का रिकॉर्ड तोड़ कारोबार होगा। ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ-साथ स्थानीय बाजारों के व्यापारियों ने भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कैशबैक और डिस्काउंट की विशेष योजनाएं लागू की हैं।
दूसरी ओर, नवंबर महीने की शुरुआत के साथ तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलोग्राम) और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में किए गए मासिक संशोधन का असर भी आज से व्यावसायिक गतिविधियों पर स्पष्ट रूप से दिखेगा। त्योहारी सीजन में मिठाई की दुकानों, होटल, रेस्तरां और कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों की परिचालन लागत पर इस मूल्य संशोधन का सीधा प्रभाव पड़ेगा, हालांकि घरेलू रसोई गैस की कीमतों में स्थिरता से आम उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है।
बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में भी आज सुबह से ही त्योहारी लोन (फेस्टिव पर्सनल, ऑटो और होम लोन) के वितरण में तेजी देखी जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिजिटल भुगतान और यूपीआई (UPI) लेनदेन के नए कीर्तिमानों के बीच, व्यापारियों ने इस सप्ताह नकदी के साथ-साथ डिजिटल पेमेंट के लिए भी अतिरिक्त काउंटर तैयार किए हैं ताकि बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ को सुगम सेवा दी जा सके।