रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने और चांदी की चमक अब तेजी से फीकी पड़ने लगी है। पिछले एक महीने में चांदी के भाव में करीब 39 हजार रुपये प्रति किलो और सोने में 8 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की बड़ी गिरावट आ चुकी है। शुक्रवार को भी हाजिर से लेकर वायदा बाजार तक कीमती धातुओं में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे त्योहारी सीजन में आभूषण खरीदने वालों के चेहरे खिल उठे हैं। पढ़े पूरी खबर..
नई दिल्ली: (HD News); त्योहारी सीजन में सोने और चांदी की खरीदारी करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच शुक्रवार को घरेलू हाजिर और वायदा बाजार दोनों में कीमती धातुओं में तेज गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 999 शुद्धता वाला सोना लुढ़ककर 1, 40, 050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी की कीमत गिरकर 1, 81, 344 रुपये प्रति किलो रह गई। उल्लेखनीय है कि IBJA शनिवार और रविवार को दैनिक भाव जारी नहीं करता है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी कीमती धातुओं में भारी बिकवाली का रुख रहा। 30 अक्टूबर की रात MCX पर सोने का भाव गिरकर 1, 38, 386 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। वहीं, 4 दिसंबर 2026 की एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव 1.8 लाख के स्तर को तोड़ते हुए 1, 79, 308 रुपये प्रति किलोग्राम पर दर्ज किया गया।
पिछले एक महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने के मुकाबले चांदी में गिरावट कहीं ज्यादा तेज रही है। सितंबर के अंत में सोना 1, 48, 379 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 2.2 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर थी। इस हिसाब से मात्र एक महीने के भीतर सोने में करीब 5.6 फीसदी और चांदी में 17.6 फीसदी की बड़ी गिरावट आ चुकी है। 21 अक्टूबर के बाद से ही सोना 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर से नीचे कारोबार कर रही है।

कमजोर वैश्विक संकेतों ने घरेलू बाजार में कीमतों पर सीधा दबाव बनाया है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी और पीएल कैपिटल के कमोडिटी प्रमुख आशीष राजोडिया के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, बढ़ती महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की आशंका से सर्राफा बाजार में यह बिकवाली देखी जा रही है। कोटक नियो की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चेनवाला ने बताया कि उम्मीद से बेहतर अमेरिकी जीडीपी ग्रोथ के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3, 900 डॉलर प्रति औंस और चांदी 50 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसल गई है। इसके अलावा, एआई (AI) व टेक्नोलॉजी शेयरों में हुई भारी बिकवाली के नुकसान की भरपाई के लिए भी निवेशक सोने-चांदी में अपनी पोजीशन काट रहे हैं।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी सोने और चांदी पर यह दबाव बना रह सकता है। हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और डॉलर की कमजोरी से कीमती धातुओं को थोड़ा सहारा मिल सकता था, लेकिन वर्तमान में निवेशक जोखिम कम करने के लिए अमेरिकी सरकारी बॉन्ड का रुख कर रहे हैं। इस वजह से ब्याज न देने वाली इन कीमती धातुओं के प्रति निवेशकों का आकर्षण फिलहाल घटता दिख रहा है।
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