हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में साहसिक खेलों के दौरान एक बार फिर बड़ा हादसा सामने आया है। विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग से सोलो उड़ान भरने वाले ऑस्ट्रिया के 50 वर्षीय पायलट निकोलस थॉमस जोगिंद्रनगर उपमंडल के गुम्मा (छनांग) में तेज हवाओं की चपेट में आ गए। हवा के भारी दबाव से पैराग्लाइडर का संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 500 फीट की ऊंचाई से सीधे खेतों में आ गिरे। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से उन्हें रेस्क्यू कर जोगिंद्रनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
मंडी : (HD News); हिमाचल प्रदेश में साहसिक पर्यटन (Adventure Sports) के दौरान विदेशी पैराग्लाइडर पायलटों के साथ होने वाले हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में मंडी जिले के जोगिंद्रनगर उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गुम्मा (छनांग) क्षेत्र में पैराग्लाइडिंग करते समय एक ऑस्ट्रियाई पर्यटक व पायलट करीब 500 फीट की ऊंचाई से सीधे खेतों में आ गिरा। इस भीषण हादसे में 50 वर्षीय विदेशी पर्यटक निकोलस थॉमस (Nicholas Thomas) गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ऑस्ट्रिया के रहने वाले निकोलस थॉमस ने कांगड़ा जिले की विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग (Bir-Billing) से सोलो (अकेले) उड़ान भरी थी। जब वह उड़ान भरते हुए मंडी जिले के गुम्मा की पहाड़ियों के ऊपर पहुंचे, तो अचानक मौसम के बदले मिजाज और तेज हवाओं के झोंकों की चपेट में आ गए। हवा का दबाव इतना अधिक था कि आसमान में ही उनके पैराग्लाइडर का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया।
पैराग्लाइडर पर से नियंत्रण खोने के बाद निकोलस खुद को संभाल नहीं पाए और करीब 500 फीट की ऊंचाई से गुम्मा और छनांग गांव के बीच स्थित खेतों में उनकी क्रैश लैंडिंग हो गई। आसमान से पैराग्लाइडर को बेकाबू होकर तेजी से नीचे गिरता देख स्थानीय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीण बिना समय गंवाए तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और इसकी सूचना स्थानीय पुलिस व आपातकालीन सेवा को दी।
जिस स्थान पर पैराग्लाइडर गिरा था, वहां तक सड़क मार्ग न होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम और स्थानीय लोगों ने मिलकर घायल विदेशी पायलट को पैराग्लाइडर की रस्सियों से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें स्ट्रेचर पर लिटाकर करीब एक किलोमीटर तक पैदल पगडंडियों के रास्ते मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया, जहां से 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर ले जाया गया।
इतनी अधिक ऊंचाई से सीधे जमीन पर गिरने के कारण निकोलस थॉमस की पीठ, कमर, कंधे और टांगों में गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल जोगिंद्रनगर अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है और मंडी जिला प्रशासन भी उनके स्वास्थ्य और मेडिकल सहायता पर पूरी नजर बनाए हुए है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के सटीक कारणों की जांच शुरू कर दी है।

गौरतलब है कि मंडी और कांगड़ा की सीमा से सटे इस क्षेत्र में महज तीन दिनों के भीतर यह दूसरा पैराग्लाइडिंग हादसा है। इससे ठीक पहले पद्धर उपमंडल के झटिंगरी स्थित फुलाधार में भी बीड़ से उड़ान भरने वाली रूस की 41 वर्षीय महिला पायलट कसेनिया तेज हवाओं के कारण क्रैश लैंडिंग का शिकार हो गई थीं, जिसमें उनकी टांग फ्रैक्चर हो गई थी। लगातार हो रहे इन हादसों ने हिमाचल में फ्री-फ्लाइंग करने वाले विदेशी पायलटों की सुरक्षा और खराब मौसम के पूर्वानुमान तंत्र पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डिस्क्लेमर: पैराग्लाइडिंग और अन्य साहसिक खेल (Adventure Sports) मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों के अधीन जोखिम भरे हो सकते हैं। पर्यटकों और पायलटों को सलाह दी जाती है कि वे उड़ान भरने से पहले मौसम विभाग के पूर्वानुमान, हवा की गति और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें।
