त्योहारी सीजन में हिमाचली सेब और पहाड़ी ड्राई फ्रूट्स की भारी डिमांड: गिफ्ट पैक में किन्नौरी अखरोट, चिलगोजा और शुद्ध शहद बने पहली पसंद - पढ़ें पूरी खबर..
दीपावली के अवसर पर देशभर में मिठाइयों के विकल्प के रूप में फलों और ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवों) के गिफ्ट हैंपर्स देने के बढ़ते चलन से हिमाचल प्रदेश के बागवानी और कृषि उत्पादों की मांग में बंपर उछाल आया है। प्रदेश की फल मंडियों और कोल्ड स्टोरेज से उच्च गुणवत्ता वाले हिमाचली सेब, किन्नौरी सेब और नाशपाती की खेप देश की प्रमुख मंडियों में तेजी से भेजी जा रही है। त्योहारी सीजन में प्रीमियम पैकेजिंग वाले हिमाचली सेब के बॉक्स कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत गिफ्टिंग में खूब पसंद किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही, हिमाचल के पहाड़ी ड्राई फ्रूट्स—विशेषकर किन्नौरी चिलगोजा, कागजी अखरोट, बादाम, खुमानी (एप्रीकॉट) और पहाड़ी गुच्छी की मांग स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर के बाजारों में चरम पर है। लोग मिलावटी मिठाइयों से परहेज करते हुए इस बार पहाड़ी ऑर्गेनिक उत्पादों, शुद्ध हिमाचली मल्टी-फ्लोरा शहद, हर्बल चाय और कोदरा व चौलाई जैसे पारंपरिक अनाजों (मिलेट्स) से बने उत्पादों के गिफ्ट पैक को प्राथमिकता दे रहे हैं।
स्थानीय स्वयं सहायता समूहों (SHGs), एफपीओ (FPOs) और युवा उद्यमियों ने भी इस अवसर का लाभ उठाते हुए आकर्षक फेस्टिव गिफ्ट हैंपर्स बाजार में उतारे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और स्थानीय प्रदर्शनियों के माध्यम से हो रही इस सीधी बिक्री से प्रदेश के बागवानों, किसानों और स्थानीय व्यापारियों को उनके उत्पादों के बेहतरीन दाम मिल रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में करोड़ों रुपये का नकदी प्रवाह हो रहा है।