दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में शामिल तिरुपति में भगवान श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी के मंदिर में वार्षिक पवित्रोत्सव श्रद्धा और धार्मिक परंपराओं के साथ आयोजित किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस उत्सव में वैदिक मंत्रोच्चार, विशेष अभिषेक और भव्य शोभायात्रा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हैं। जानिए इस पवित्र आयोजन का महत्व और आज होने वाले प्रमुख धार्मिक कार्यक्रम।
आंध्र प्रदेश के तिरुपति स्थित श्रीनिवास मंगापुरम के श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वार्षिक पवित्रोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की ओर से आयोजित यह धार्मिक उत्सव 5 नवंबर से 7 नवंबर तक चलेगा। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।

टीटीडी के अनुसार उत्सव के अंतर्गत 5 नवंबर को वैदिक अनुष्ठान और पवित्र प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही भगवान श्री कल्याण वेंकटेश्वर स्वामी की उत्सव मूर्तियों का विशेष अभिषेक और धार्मिक पूजा-अर्चना भी की गई। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक वातावरण बना हुआ है।
आज 6 नवंबर को सुबह 10 बजे श्रीदेवी और भूदेवी सहित भगवान की उत्सव मूर्तियों का स्नपना तिरुमंजनम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद शाम 5 बजे भगवान की भव्य वीथी उत्सव शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान भगवान श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे और पारंपरिक धार्मिक विधियों के साथ उत्सव मनाया जाएगा।
पवित्रोत्सव का धार्मिक महत्व मंदिर की पवित्रता और पूजा परंपराओं को बनाए रखने से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार पूजा-अर्चना के दौरान अनजाने में हुई त्रुटियों के परिमार्जन तथा मंदिर की आध्यात्मिक पवित्रता बनाए रखने के लिए यह आयोजन किया जाता है। उत्सव का समापन 7 नवंबर को रात्रि 8:30 बजे पूर्णाहुति के साथ होगा।
डिस्क्लेमर: इस समाचार में कार्यक्रमों की जानकारी तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की आधिकारिक सूचना के आधार पर प्रस्तुत की गई है। धार्मिक अनुष्ठानों और कार्यक्रमों के समय में आयोजकों की ओर से बदलाव संभव है।
