दीपावली के पावन पर्व पर देशभर के सर्राफा बाजारों में आज एक बार फिर रौनक देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हलचल और घरेलू स्तर पर सोने-चांदी की कीमतों में तेजी के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। धनतेरस के बाद छोटी दीवाली पर लक्ष्मी पूजन के दिन भी शगुन के तौर पर सोने-चांदी के सिक्कों, मूर्तियों और आभूषणों की खरीदारी के लिए ज्वैलरी शोरूमों में ग्राहकों की आवाजाही बनी हुई है।

ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, इस साल सोने की ऊंची कीमतों को देखते हुए ग्राहकों ने भारी आभूषणों के बजाय हल्के वजन (लाइटवेट) और आधुनिक डिजाइन वाले गहनों को अधिक पसंद किया है। इसके अलावा, पूजा के लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आकृति वाले चांदी के सिक्कों, चांदी के बर्तनों और छोटे गोल्ड कॉइन्स की मांग में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया है। शादी-विवाह के आगामी सीजन को ध्यान में रखते हुए भी कई परिवारों ने आज के शुभ मुहूर्त में बुकिंग और खरीदारी की है।

आभूषण विक्रेताओं ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मेकिंग चार्ज (बनवाई शुल्क) पर विशेष छूट और पुरानी ज्वैलरी के एक्सचेंज पर आकर्षक ऑफर्स पेश किए हैं, जिसका सीधा असर बिक्री पर पड़ा है। हॉलमार्किंग की अनिवार्यता और पारदर्शिता के कारण ग्राहकों का भरोसा ब्रांडेड शोरूम के साथ-साथ स्थानीय विश्वसनीय सर्राफा व्यापारियों पर भी मजबूत हुआ है।
भौतिक सोने (फिजिकल गोल्ड) के अलावा इस दिवाली डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में भी निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया है। युवा वर्ग और नौकरीपेशा लोग आज के शुभ दिन पर मोबाइल ऐप्स के जरिए छोटी राशि से डिजिटल गोल्ड खरीदकर अपनी निवेश यात्रा शुरू कर रहे हैं। सर्राफा विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय संस्कृति में सोने को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है, और यही कारण है कि हर परिस्थिति में त्योहारी सीजन के दौरान इसकी चमक बरकरार रहती है।