दीपावली के महापर्व पर आज देशभर के खुदरा बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे व्यापारिक जगत में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) और विभिन्न व्यापार मंडलों के शुरुआती आकलन के अनुसार, इस साल के त्योहारी सीजन में देश के खुदरा कारोबार ने पिछले वर्षों के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। महानगरों से लेकर छोटे शहरों और कस्बों के बाजारों में सुबह से ही खरीदारी का सिलसिला जोरों पर है।
इस वर्ष बाजार की सबसे खास बात स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों की बढ़ती मांग रही है। मिट्टी के पारंपरिक दीयों, हैंडलूम वस्त्रों, बंदनवार, देशी लाइटिंग और स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार सजावटी सामानों की बिक्री में भारी उछाल दर्ज किया गया है। ग्राहकों ने विदेशी सामानों की तुलना में भारतीय निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता दी है, जिससे छोटे और मझोले व्यापारियों तथा कुटीर उद्योगों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचा है।

मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट हैंपर्स और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर में भी इस बार अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। कॉर्पोरेट गिफ्टिंग और पारिवारिक उपहारों के लिए पारंपरिक मिठाइयों के साथ-साथ प्रीमियम ड्राई फ्रूट्स और चॉकलेट पैक्स की भारी मांग रही। स्थानीय दुकानदारों के साथ-साथ क्विक-कॉमर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों ने भी अंतिम समय की खरीदारी (लास्ट-मिनट शॉपिंग) के जरिए करोड़ों रुपये का कारोबार किया है।
भुगतान के तरीकों की बात करें तो यूपीआई (UPI) और डिजिटल पेमेंट्स ने इस दिवाली लेनदेन को बेहद सुगम और तेज बना दिया है। बैंकों और फिनटेक कंपनियों द्वारा दिए गए कैशबैक और फेस्टिव ऑफर्स ने उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति को और बढ़ावा दिया है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि त्योहारी सीजन की यह मजबूत खपत चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में देश की जीडीपी (GDP) ग्रोथ को नई रफ्तार देगी।