भारतीय शेयर बाजार में आज दीपावली के अवसर पर आयोजित होने वाले पारंपरिक 'मुहूर्त ट्रेडिंग' सत्र को लेकर दलाल स्ट्रीट से लेकर देशभर के खुदरा निवेशकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा नए हिंदू विक्रम संवत 2083 की शुरुआत के उपलक्ष्य में एक घंटे का विशेष कारोबार सत्र आयोजित किया जाता है। मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में किया गया निवेश पूरे वर्ष समृद्धि और आर्थिक लाभ लेकर आता है।

परंपरा के अनुसार, ब्रोकरेज हाउसों और निवेश फर्मों में आज लक्ष्मी पूजन और बही-खाता पूजन के साथ नए कारोबारी वर्ष का आगाज किया जा रहा है। भले ही यह विशेष ट्रेडिंग सत्र मात्र एक घंटे का और प्रतीकात्मक होता है, लेकिन इसमें संस्थागत निवेशकों के साथ-साथ करोड़ों रिटेल निवेशक भी शगुन के तौर पर मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों की खरीदारी करते हैं। पिछले कई वर्षों का इतिहास रहा है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद होकर सकारात्मक संकेत देते हैं।

बाजार विशेषज्ञों और मार्केट एनालिस्ट्स के अनुसार, बीता संवत भारतीय शेयर बाजार के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक रहा है, जिसमें घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) और एसआईपी (SIP) के बढ़ते प्रवाह ने बाजार को वैश्विक उतार-चढ़ाव के बीच भी मजबूती प्रदान की। नए संवत 2083 के लिए विशेषज्ञ बैंकिंग, आईटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी और डिफेंस सेक्टर के शेयरों को लंबी अवधि के निवेश के लिए बेहद आकर्षक मान रहे हैं।
युवा और पहली बार बाजार में उतरने वाले निवेशकों के लिए भी आज का दिन बेहद खास है। देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों से डीमैट खातों की संख्या में हुई रिकॉर्ड वृद्धि के चलते इस बार मुहूर्त ट्रेडिंग में रिकॉर्ड भागीदारी की उम्मीद जताई जा रही है। ब्रोकरेज कंपनियों ने भी इस विशेष सत्र के लिए अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और सर्वर को पूरी तरह तैयार रखा है ताकि निवेशकों को बिना किसी तकनीकी रुकावट के ट्रेडिंग का अनुभव मिल सके।