हिमाचल प्रदेश के शिमला ग्रामीण स्थित बाग गांव के निवासी और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) के जवान लक्की शर्मा को विभाग द्वारा सिपाही से हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नत किया गया है। प्रसिद्ध पत्रकार और सिटी चैनल की ब्यूरो चीफ आरती शर्मा के पति लक्की शर्मा की इस उपलब्धि ने न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर हासिल यह पदोन्नति स्थानीय युवाओं के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों में करियर बनाने हेतु एक नई प्रेरणा बनकर उभरी है। पढ़ें पूरी खबर..
शिमला: (HD News); नए साल का आगाज़ शिमला ग्रामीण के बाग गांव और प्रदेश के पत्रकारिता जगत के लिए एक गौरवपूर्ण समाचार लेकर आया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP), जो कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, ने अपनी विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया के तहत लक्की शर्मा को सिपाही से हेड कांस्टेबल (हवलदार) के पद पर पदोन्नत किया है। लक्की शर्मा की इस उपलब्धि से न केवल उनके विभाग में बल्कि उनके पैतृक निवास और कार्यक्षेत्र में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। वर्तमान में वह हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती जिले किन्नौर के रिकांगपिओ में अपनी सेवाएं देंगे, जहां उनके कंधों पर अब नई प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां होंगी।

हिमाचल प्रदेश की प्रख्यात एंकर और सिटी चैनल की ब्यूरो चीफ आरती शर्मा ने इस सुखद जानकारी को साझा करते हुए बताया कि ITBP द्वारा हाल ही में जवानों की कर्तव्यनिष्ठा और योग्यता को परखते हुए पदोन्नति सूची जारी की गई थी। इसी कड़ी में लक्की शर्मा को उनके शानदार सेवा रिकॉर्ड और विभागीय मानकों पर खरा उतरने के आधार पर यह नया रैंक प्रदान किया गया है। आरती शर्मा ने इस सफलता को लक्की शर्मा के वर्षों के कड़े परिश्रम, अटूट अनुशासन और देश सेवा के प्रति उनके अडिग समर्पण का प्रतिफल बताया। उन्होंने कहा कि एक सैनिक के लिए उसकी वर्दी पर लगने वाला हर नया स्टार या रैंक उसकी मेहनत की सबसे बड़ी पहचान होती है।
पदोन्नति की यह प्रक्रिया अत्यंत कठिन और प्रतिस्पर्धी होती है। गौरतलब है कि ITBP में सिपाही से हेड कांस्टेबल के पद तक पहुँचने के लिए एक जवान को निरंतर बेहतरीन सेवा रिकॉर्ड बनाए रखना होता है। इसके लिए वरिष्ठता के साथ-साथ कठिन विभागीय परीक्षाओं, शारीरिक मानकों की कसौटी और विशेष प्रशिक्षण सत्रों को सफलतापूर्वक पूर्ण करना अनिवार्य होता है। लक्की शर्मा ने इन सभी पैमानों पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। पद बढ़ने के साथ ही अब उनके वेतनमान और प्रशासनिक अधिकारों में भी वृद्धि हुई है, जो उनकी व्यावसायिक कुशलता को दर्शाता है।

लक्की शर्मा की इस ऐतिहासिक सफलता से उनके पैतृक गांव बाग (शिमला ग्रामीण) में जश्न और गर्व का माहौल है। उनके माता शारदा शर्मा और पिता रति राम शर्मा ने अपने सुपुत्र की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें अपना शुभाशीष प्रदान किया। आरती शर्मा ने गांव की इस खुशी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब ग्रामीण अंचल से निकला कोई युवा अपनी मेहनत के बल पर सेना या अर्धसैनिक बलों में उच्च मुकाम हासिल करता है, तो वह केवल एक परिवार की सफलता नहीं रह जाती। वह समूचे क्षेत्र के युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा बन जाती है, जो उन्हें यह संदेश देती है कि ईमानदारी और लगन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
अपनी पदोन्नति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हेड कांस्टेबल लक्की शर्मा ने अपने समस्त वरिष्ठ अधिकारियों और विभाग का आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि विभाग ने उन पर जो विश्वास जताया है और जो नई जिम्मेदारी सौंपी है, वह उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे। रिकांगपिओ जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में तैनाती के दौरान वह देश की सुरक्षा और विभागीय गौरव को सर्वोपरि रखने का संकल्प दोहराते हैं।

लक्की शर्मा की यह पदोन्नति उनके पेशेवर करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो सुरक्षा बलों के कड़े अनुशासन और व्यक्तिगत कर्तव्यनिष्ठा के समन्वय को दर्शाती है। एक सैनिक का सिपाही से हेड कांस्टेबल के पद तक का सफर न केवल उनकी व्यक्तिगत दक्षता का प्रमाण है, बल्कि यह विभागीय स्तर पर उनके द्वारा दी गई निरंतर सेवाओं की मान्यता भी है। ऐसी सफलताएं ग्रामीण अंचल के युवाओं में सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास और उत्साह जगाती हैं। रिकांगपिओ में नई जिम्मेदारियों के साथ उनकी तैनाती, सुरक्षा और सेवा के प्रति उनके संकल्प को और सुदृढ़ करेगी।