उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने लोकतंत्र की मजबूती का मंत्र दिया। "जनता के प्रति विधायिका की जवाबदेही" विषय पर चर्चा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में विधायिका का स्थान सर्वोपरि है क्योंकि यह सीधे तौर पर जनता का प्रतिनिधित्व करती है। पठानिया ने इस दौरान हिमाचल विधान सभा के गौरवशाली इतिहास और इसकी कार्य-उत्पादकता का भी उल्लेख किया। पढ़ें विस्तार से..
लखनऊ: (HD News); उत्तर प्रदेश विधान सभा द्वारा लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के समापन अवसर पर हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने लोकतंत्र की मजबूती पर ज़ोर दिया। "जनता के प्रति विधायिका की जवाबदेही" विषय पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के तीनों स्तंभ—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका - जनता के प्रति उत्तरदायी हैं, लेकिन विधायिका का स्थान सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यह जनता का प्रत्यक्ष प्रतिनिधित्व करती है।
विधायिका की जवाबदेही लोकतंत्र की आत्मा
पठानिया ने स्पष्ट किया कि विधायिका का मुख्य कार्य कानून निर्माण और सरकार पर नियंत्रण रखना है। उन्होंने कहा कि यदि विधायिका जनता की अपेक्षाओं और हितों के प्रति उत्तरदायी नहीं रहती, तो लोकतंत्र केवल नाम मात्र का रह जाता है। जवाबदेही का अर्थ है कि जन समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए कानून बनाए जाएं और यदि विधायिका अपने कर्तव्यों में विफल रहती है, तो जनता को चुनाव के माध्यम से उसे बदलने का पूरा अधिकार है।

हिमाचल विधान सभा का गौरवशाली इतिहास
अपने संबोधन में पठानिया ने हिमाचल प्रदेश विधान सभा की समृद्ध परंपराओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1925 में देश के प्रथम निर्वाचित पीठासीन अधिकारी विठ्ठलभाई पटेल का चुनाव इसी ऐतिहासिक सदन में हुआ था। साथ ही, पीठासीन अधिकारियों का पहला सम्मेलन भी वर्ष 1921 में शिमला में ही आयोजित हुआ था। उन्होंने सदन की कार्यकुशलता पर गर्व जताते हुए कहा कि हिमाचल विधान सभा की कार्य उत्पादकता 100% से अधिक रही है और पिछले कैलेंडर वर्ष में 35 बैठकें सफलतापूर्वक पूरी की गईं।

सीएम योगी और लोकसभा अध्यक्ष से आत्मीय भेंट
सम्मेलन के दौरान कुलदीप सिंह पठानिया ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से विशेष भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी को हिमाचली टोपी और शॉल पहनाकर सम्मानित किया और प्रदेश के पर्यटन विकास पर चर्चा की। पठानिया ने उत्तर प्रदेश विधान सभा की आधुनिक आधारभूत संरचना की सराहना करते हुए कहा कि वे शिमला और धर्मशाला में भी इसी तरह के सुधार और ढांचागत विकास का प्रयास करेंगे।
अयोध्या में रामलला के दर्शन करेंगे पीठासीन अधिकारी
86वें सम्मेलन के सफल समापन के बाद, अब हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया समेत सभी राज्यों के पीठासीन और उप-पीठासीन अधिकारी 22 जनवरी को अयोध्या के लिए रवाना होंगे। वहां वे श्री राम मंदिर में दर्शन कर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, और यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
