हिमाचल की सूखी पहाड़ियों और मायूस चेहरों के लिए आखिरकार वह खबर आ ही गई, जिसका इंतजार पिछले 90 दिनों से किया जा रहा था। आसमान में उमड़ते घने काले बादल और हड्डियों को कंपा देने वाली ठंडी हवाएं किसी बड़े 'महा-परिवर्तन' का संकेत दे रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने एक ऐसा अलर्ट जारी किया है, जिसने प्रशासन से लेकर आम जनता तक की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सीजन का सबसे शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल की सीमाओं पर दस्तक दे रहा है, जो अपने साथ भारी बर्फबारी का तांडव और मूसलाधार बारिश लाने वाला है।
लेकिन, आखिर वह कौन सी तारीख है जब पहाड़ों की प्यास बुझेगी? क्या यह बदलाव आज रात से शुरू होगा या अभी थोड़ा और इंतजार बाकी है? कौन से जिले बर्फ की सफेद चादर में पूरी तरह कैद हो जाएंगे और कहाँ बारिश तबाही मचा सकती है? हिमाचल के मौसम से जुड़ी इस सबसे बड़ी और चौंकाने वाली अपडेट को विस्तार से जानने के लिए पढ़ें हमारी यह विशेष रिपोर्ट।
शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश में पिछले करीब तीन महीनों से जारी सूखे (Dry Spell) का लंबा दौर अब समाप्त होने की कगार पर है। लंबे समय से बारिश और बर्फबारी की राह देख रहे बागवानों, किसानों और पर्यटकों के लिए मौसम विभाग ने बड़ी खुशखबरी साझा की है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, आगामी 22 जनवरी से प्रदेश में एक अत्यंत सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) प्रवेश करने जा रहा है, जिससे पूरे राज्य के मौसम में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।

22 जनवरी की शाम से करवट लेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक शोभित कटियार ने बताया कि यह पश्चिमी विक्षोभ इस सीजन का अब तक का सबसे शक्तिशाली सिस्टम साबित होगा। उन्होंने जानकारी दी कि 22 जनवरी की शाम से इसका प्रभाव प्रदेश में दिखने लगेगा। इस तंत्र के सक्रिय होने से प्रदेश के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में भारी हिमपात की संभावना है, जबकि मध्यवर्ती और निचले इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का दौर शुरू होगा। यह मौसमी गतिविधियां 24 जनवरी तक लगातार जारी रहने के आसार हैं।
लाहौल-स्पीति, कुल्लू और चंबा के लिए 'ऑरेंज अलर्ट'
बर्फबारी की तीव्रता को देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश के जनजातीय और ऊंचाई वाले जिलों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। विशेषकर लाहौल-स्पीति, कुल्लू और चंबा जिलों के ऊपरी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की आशंका के मद्देनजर 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है क्योंकि बर्फबारी के कारण संपर्क मार्ग और बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

निचले जिलों में भारी बारिश का 'येलो अलर्ट'
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के साथ-साथ प्रदेश के मैदानी और निचले जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों के लिए 23 जनवरी को भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। विभाग का कहना है कि निचले इलाकों में होने वाली यह बारिश कृषि और बागवानी के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगी, क्योंकि लंबे समय से बारिश न होने के कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा था।
तापमान में आएगी 8 डिग्री तक की भारी गिरावट
इस शक्तिशाली मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने के बाद प्रदेश के तापमान में भारी उलटफेर देखने को मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश और बर्फबारी के चलते आगामी 48 घंटों में प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे समूचा प्रदेश कड़ाके की ठंड और शीत लहर की चपेट में आ जाएगा, जिससे ठिठुरन और बढ़ने की संभावना है।
लंबे समय तक खिंचे सूखे और प्राकृतिक अनिश्चितता के बाद, हिमाचल में होने जा रहा यह मौसमी बदलाव एक दोहरी भावना लेकर आया है। जहाँ एक ओर यह बारिश और बर्फबारी प्यासी धरती को तृप्त करेगी और राज्य की कृषि व बागवानी को नई संजीवनी देगी, वहीं दूसरी ओर 'ऑरेंज अलर्ट' प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी चुनौती भी पेश कर रहा है। आने वाले 48 से 72 घंटे हिमाचल के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि हम सावधानी और तैयारी के साथ इस बदलाव का स्वागत करेंगे, तो यह 'सफेद आफत' प्रदेश के लिए 'सफेद वरदान' साबित होगी। अब सबकी नजरें आसमान की ओर हैं, क्योंकि पहाड़ों का असली जादुई सीजन शुरू होने वाला है।

डिस्क्लेमर: इस समाचार लेख में दी गई जानकारी मौसम विज्ञान केंद्र (IMD), शिमला द्वारा जारी किए गए हालिया बुलेटिन और पूर्वानुमानों पर आधारित है। मौसम की प्रवृत्तियां अस्थिर होती हैं और वायुमंडलीय दबाव के कारण इनमें कभी भी अचानक बदलाव संभव है। पाठकों और पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी ऊंचे पर्वतीय क्षेत्र की यात्रा करने से पहले स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों और ताज़ा मौसम अपडेट की पुष्टि अवश्य कर लें।