देश की संसदीय परंपराओं को और अधिक सशक्त व प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत उत्तर प्रदेश विधान सभा की मेज़बानी में नवाबों के शहर लखनऊ में 86वें पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का भव्य शुभारम्भ हुआ। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में संसद एवं विभिन्न राज्य विधान मंडलों के पीठासीन अधिकारी एक मंच पर एकत्र होकर लोकतांत्रिक शासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने से जुड़े अहम विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। पढ़ें विस्तार से..
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान सभा की मेज़बानी में नवाबों के शहर लखनऊ में आयोजित 86वें पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का शुभारम्भ सोमवार, 19 जनवरी 2026 को भव्य रूप से हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला विशेष रूप से उपस्थित रहे।

सम्मेलन में राज्यसभा के उप-सभापति डॉ. हरिवंश, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के अध्यक्ष कुंवर मानवेन्द्र सिंह, उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना, हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां सहित देशभर के विभिन्न राज्य विधान मंडलों के पीठासीन अधिकारी उपस्थित रहे।
इससे पूर्व प्रातः 10 बजे विधान मंडलों के सचिवों के 62वें सम्मेलन का भी शुभारम्भ हुआ, जिसमें हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिव यशपाल शर्मा ने भाग लिया।
सम्मेलन आरम्भ होने से पहले हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने लखनऊ विश्वविद्यालय का दौरा कर अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियों को ताज़ा किया और वहां बिताए महत्वपूर्ण क्षणों को याद किया।

उद्घाटन से पूर्व उत्तर प्रदेश विधान सभा के समिति कक्ष संख्या–18 में स्थायी समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के चेयरमैन ओम बिरला ने की। स्थायी सदस्य होने के नाते विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने भी इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। बैठक में सम्मेलन के दौरान चर्चा के लिए लाए जाने वाले विषयों को अंतिम रूप दिया गया।
समिति द्वारा चर्चा हेतु तीन प्रमुख विषयों को शॉर्टलिस्ट किया गया -
1. पारदर्शी, कुशल एवं नागरिक-केन्द्रित विधायी प्रक्रियाओं के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग
2. दक्षता बढ़ाने और लोकतांत्रिक शासन को सशक्त करने के लिए विधायकों की क्षमता निर्माण
3. जनता के प्रति विधायिका की जवाबदेही
इन विषयों पर 20 व 21 जनवरी 2026 को पीठासीन अधिकारियों द्वारा कुल 8 सत्रों में गहन मंथन किया जाएगा। इसे लोकतांत्रिक शासन प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सम्मेलन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां सत्रों का संचालन करेंगे और इन विषयों पर अपना संबोधन भी देंगे।
स्थायी समिति की बैठक के दौरान अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना का उत्कृष्ट आतिथ्य एवं सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया तथा सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
