हिमाचल प्रदेश की देवभूमि एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसे से कांप उठी। सिरमौर जिले के हरिपुरधार में शुक्रवार दोपहर हुआ भीषण बस हादसा महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और पहाड़ी सड़कों की खतरनाक हकीकत को उजागर करता है। शिमला से कुपवी जा रही निजी बस के 100 मीटर गहरी खाई में गिरते ही 14 जिंदगियाँ काल के गाल में समा गईं, जबकि 52 से अधिक लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इस हादसे ने पूरे प्रदेश को गहरे शोक और आक्रोश में डुबो दिया है। पढ़ें विस्तार से -
हरिपुरधार (सिरमौर): हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में शुक्रवार दोपहर एक हृदयविदारक सड़क हादसा पेश आया, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के हरिपुरधार के समीप करीब साढ़े तीन बजे एक निजी बस (जीत कोच) अनियंत्रित होकर 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 14 यात्रियों की जान जा चुकी है, जबकि 52 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
हादसे का मंजर और बचाव कार्य
जानकारी के अनुसार, बस शिमला से कुपवी की ओर जा रही थी। हरिपुरधार से मात्र 100 मीटर पहले चालक ने बस पर से नियंत्रण खो दिया और बस सीधे गहरी खाई में समा गई। हादसे के समय बस में क्षमता से अधिक 66 यात्री सवार थे। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बचाव के लिए दौड़े। सिरमौर एसपी एन.एस. नेगी ने बताया कि संगड़ाह, राजगढ़ और ददाहू से पुलिस एवं राहत दलों को तुरंत मौके पर भेजा गया और युद्धस्तर पर बचाव कार्य शुरू किया गया।

मृतकों की पहचान और अस्पताल में अफरा-तफरी
इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले 14 लोगों में से 13 की पहचान कर ली गई है, जिनमें कुपवी और सिरमौर के विभिन्न गांवों के निवासी शामिल हैं। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल सभी 52 यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए आईजीएमसी (IGMC) शिमला रेफर किया गया है। हादसे के बाद अस्पताल और घटना स्थल पर परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन बना हुआ है।
डिप्टी सीएम का दौरा और सरकारी सहायता
हादसे की सूचना मिलते ही उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री नाहन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और प्रशासन को निर्देश दिए कि उपचार में कोई कमी न रहे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और प्रशासन को पीड़ितों को हर संभव सहायता और उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
राजनीतिक जगत में शोक की लहर
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, सांसद अनुराग ठाकुर, और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार सहित कई बड़े नेताओं ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। जेपी नड्डा ने भाजपा नेताओं से फोन पर स्थिति की जानकारी ली और कार्यकर्ताओं को प्रभावित परिवारों की मदद करने के निर्देश दिए। सांसद अनुराग ठाकुर ने इसे 'देवभूमि के लिए अत्यंत कष्टदायी' बताया, वहीं स्थानीय विधायक विनय कुमार ने अपनी सभी संवेदनाएं पीड़ितों के साथ व्यक्त की हैं।

हरिपुरधार का यह भयावह बस हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि पहाड़ी इलाकों में यात्री सुरक्षा, ओवरलोडिंग और परिवहन व्यवस्था की गंभीर खामियों की ओर स्पष्ट संकेत है। 14 निर्दोष लोगों की मौत और दर्जनों घायलों की पीड़ा ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। ऐसे हादसे बार-बार यह सवाल खड़ा करते हैं कि आखिर कब तक लापरवाही की कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी। अब समय आ गया है कि जिम्मेदारों की जवाबदेही तय हो, सड़क सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाए और भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ, ताकि देवभूमि में सफर सुरक्षित बन सके, न कि जानलेवा।
