हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के करसोग उपमंडल में आज एक दर्दनाक सड़क हादसा पेस आया है। चरखड़ी क्षेत्र के पास 'चेतन कोच' नाम की एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से फिसलती हुई सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना ने एक बुजुर्ग की जिंदगी मौके पर ही लील ली, जबकि चालक-परिचालक सहित तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त बस में केवल चार लोग ही सवार थे, अन्यथा यह दुर्घटना एक बहुत बड़ी मानवीय त्रासदी में बदल सकती थी। स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से घायलों को समय रहते खाई से बाहर निकाल लिया गया। पढ़ें पूरी खबर..
करसोग (मंडी): (HD News); हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के अंतर्गत आने वाले करसोग उपमंडल में आज एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। करसोग के चरखड़ी क्षेत्र के पास एक निजी बस अनियंत्रित होकर सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस दर्दनाक दुर्घटना में एक बुजुर्ग यात्री की मौके पर ही दुखद मृत्यु हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अनियंत्रित होकर खाई में गिरी 'चेतन कोच'
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 'चेतन कोच' नाम की यह निजी बस अपने रूट पर जा रही थी। जब बस चरखड़ी क्षेत्र के पास पहुंची, तो अचानक चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते बस सड़क किनारे से फिसलती हुई सीधे गहरी खाई में लुढ़क गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयानक था कि बस कुछ ही पलों में लुढ़कते हुए नजरों से ओझल हो गई और मौके पर अफरा-तफरी व चीख-पुकार मच गई।
बड़ा हादसा टला: बस में सवार थे केवल चार लोग
इस भयावह दुर्घटना में गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त बस में ज्यादा सवारियां मौजूद नहीं थीं। यदि बस यात्रियों से खचाखच भरी होती, तो यह घटना एक बहुत बड़ी मानवीय त्रासदी में बदल सकती थी और जनहानि का आंकड़ा कहीं अधिक हो सकता था। दुर्घटना के समय बस में चालक और परिचालक के अलावा केवल दो यात्री ही सवार थे, यानी कुल मिलाकर चार लोग बस में मौजूद थे।

एक की मौत, तीन की हालत गंभीर
खाई में गिरने के कारण बस में सवार चारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्भाग्यवश, इन मेसे इस हादसे में एक बुजुर्ग यात्री ने गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, बस के चालक, परिचालक और एक अन्य यात्री को गंभीर चोटें आई हैं। उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
देवदूत बने स्थानीय ग्रामीण, शुरू किया रेस्क्यू
हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। स्थानीय लोगों ने अद्भुत तत्परता और साहस का परिचय दिया। उन्होंने पुलिस या प्रशासन के पहुंचने का इंतजार किए बिना, अपनी जान जोखिम में डालकर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीण रस्सियों और अन्य साधनों की मदद से गहरी खाई में उतरे और बस में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास करने लगे। इसके साथ ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन को भी घटना की सूचना दी गई।

घायलों को पांगणा अस्पताल पहुँचाया गया
सूचना मिलते ही पुलिस दल और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से कड़ी मशक्कत के बाद तीनों घायलों और मृतक बुजुर्ग के शव को खाई से बाहर निकाला गया। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए तुरंत 108 एम्बुलेंस और निजी वाहनों की मदद से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पांगणा पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों की हालत गंभीर लेकिन स्थिर बनी हुई है।
पुलिस जाँच में जुटी, प्रशासन का मदद का भरोसा
पुलिस ने मृतक बुजुर्ग के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या मानवीय भूल के कारण। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और उन्हें नियमानुसार हर संभव सरकारी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
अस्वीकरण: यह समाचार रिपोर्ट घटना के तुरंत बाद प्राप्त शुरुआती जानकारी, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और स्थानीय सूत्रों पर आधारित है। मृतकों या घायलों की अंतिम संख्या और दुर्घटना के सटीक कारणों (तकनीकी खराबी या मानवीय भूल) की आधिकारिक पुष्टि पुलिस और प्रशासन की विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी।