हिमाचल प्रदेश विधानसभा की याचिका समिति ने आम जनता को त्वरित और मुफ्त न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा अध्यक्ष एवं समिति के सभापति कुलदीप सिंह पठानियां की अध्यक्षता में सोमवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़ी 19 याचिकाओं में से 7 का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। अध्यक्ष ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली से प्रताड़ित नागरिक अब सीधे समिति का द्वार खटखटा सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर..
शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय के मुख्य समिति कक्ष में आज याचिका समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष एवं समिति के सभापति कुलदीप सिंह पठानियां ने की। सुबह 11:30 बजे शुरू हुई यह बैठक करीब 1:20 बजे तक चली, जिसमें समिति सदस्य नीरज नैय्यर, कमलेश ठाकुर, अनुराधा राणा और विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान राजस्व विभाग की 11, वन विभाग की 4 और गृह विभाग की एक याचिका पर चर्चा की गई। इन मामलों में राजस्व, वन एवं गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत ने अपना मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान राजस्व विभाग की 11 में से 5 याचिकाओं का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। शेष मामलों को समिति ने कुछ सुझावों के साथ अगली बैठक तक लंबित रखा है और अधिकारियों को इन पर त्वरित निर्णय लेने के सख्त निर्देश दिए हैं।
वन विभाग की स्थिति स्पष्ट करते हुए पठानियां ने बताया कि विभाग की 4 याचिकाओं में से 2 का निपटारा बैठक के दौरान ही कर दिया गया। इस प्रक्रिया में प्रधान मुख्य अरण्यपाल संजय सूद भी उपस्थित रहे। वहीं, गृह विभाग की एकमात्र याचिका जो वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, उसे न्यायालय का फैसला आने तक लंबित रखने का निर्णय लिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर समिति ने कड़ा रुख अपनाया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की 3 याचिकाएं सुनवाई के लिए रखी गई थीं। समिति ने स्वास्थ्य सचिव को याचिकाओं के प्रति अधिक गंभीर होने के निर्देश दिए। एक याचिका को अगली बैठक तक लंबित रखा गया है, जबकि शेष दो याचिकाओं पर सुनवाई किए बिना ही उन्हें आगामी बैठक के लिए टाल दिया गया।
पठानियां ने जानकारी साझा की कि समिति को अब तक कुल 97 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अब तक 46 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति का मुख्य उद्देश्य आम जनता को त्वरित और मुफ्त न्याय प्रदान करना है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि जिन लोगों को विभागों से न्याय नहीं मिल रहा है या जिनका उत्पीड़न हो रहा है, वे अपने आवेदन समिति को भेज सकते हैं।
