हिमाचल की राजधानी के नए पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में कार्यभार संभालते ही गौरव सिंह ने नशा माफियाओं के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पुलिस न केवल तस्करों को जेल भेजेगी, बल्कि नशे की कमाई से बनाई गई उनकी चल-अचल संपत्तियों को भी ज़ब्त (Seize) करेगी। पदभार संभालते ही उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा और सुचारू यातायात को सबसे ऊपर रखा है।
शिमला: (HD News) हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक (SP) गौरव सिंह ने अपना पदभार संभालते ही कड़े तेवर दिखाए हैं। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने नशे के काले कारोबार में संलिप्त अपराधियों को सीधी चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला पुलिस अब नशा तस्करी के खिलाफ एक नई और बेहद सख्त रणनीति के साथ काम करेगी, जिससे इस अवैध धंधे में शामिल लोगों की कमर तोड़ी जा सके।
गौरव सिंह ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ अब केवल मुकदमे दर्ज करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन (वित्तीय जांच) के जरिए उनकी अवैध संपत्तियों को भी सीज किया जाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि नशे की कमाई से खड़ा किया गया साम्राज्य अब पुलिस के रडार पर है। इसके साथ ही, प्रिवेंटिव डिटेक्शन के तहत उन अपराधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी जो बार-बार नशे के कारोबार में शामिल पाए जाते हैं, और उनके खिलाफ कानून के दायरे में कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

नशे के खिलाफ इस जंग में सामाजिक भागीदारी पर जोर देते हुए SP ने कहा कि युवाओं और स्कूली छात्रों को इस दलदल से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। उनकी प्राथमिकता केवल अपराधियों को सजा दिलाना ही नहीं, बल्कि नशे के चंगुल में फंसे पीड़ितों की पहचान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाना और पुनर्वास में मदद करना भी है।

जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए गौरव सिंह ने बताया कि शिमला में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के साथ-साथ अपराधों की रोकथाम (Prevention and Detection of Crime) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस कड़े सुरक्षा उपाय करेगी ताकि वे जिले में खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर सकें।

अंत में, राजधानी की बड़ी समस्या यानी ट्रैफिक व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि शहर में यातायात को सुचारू बनाने के लिए विशेष रणनीतियों का सूत्रपात किया जाएगा। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की सुविधा को देखते हुए ट्रैफिक प्लान को नए सिरे से प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि शिमला की सड़कों पर जाम की समस्या को कम किया जा सके।