"हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस के क्वानू में दुर्घटनाग्रस्त होने से हुई 4 लोगों की अकाल मृत्यु ने पूरे प्रदेश को गमगीन कर दिया है। इस हृदयविदारक घटना पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने गहरा शोक जताते हुए इसे कभी न पूरी होने वाली क्षति बताया है। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की और स्पष्ट किया कि सड़क हादसों को रोकने के लिए कोताही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।" पढ़ें पूरी खबर..
शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने जिला सिरमौर और उत्तराखंड की सीमा पर हुए भीषण सड़क हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस दुर्घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।

4 की मौत, 30 घायल
विधानसभा अध्यक्ष ने जानकारी दी कि जिला सिरमौर के हरिपुर कोटी-मीनस हाईवे पर क्वानू नामक स्थान पर हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह बस चौपाल (नेरवा) से पांवटा साहिब जा रही थी। इस दर्दनाक हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई है, जबकि 30 अन्य लोग घायल हुए हैं।
भरपाई करना नामुमकिन: पठानिया
अपने शोक संदेश में कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा, "यह एक भयानक और भीषण दुर्घटना थी, जिसके कारण 4 लोगों की अकाल मृत्यु हो गई है। इस नुकसान की भरपाई करना नामुमकिन है।" उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की और शोकाकुल परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी उम्मीद जताई है।

भविष्य के लिए चेतावनी
दुख प्रकट करने के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने जोर देकर कहा कि "हमें लापरवाही और कोताही को रोकना होगा, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाएं दोबारा न हों।"
क्वानू में हुआ यह दर्दनाक हादसा न केवल प्रभावित परिवारों के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक गहरा आघात है। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया का शोक संदेश जहाँ पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करता है, वहीं उनकी यह नसीहत कि 'लापरवाही रोकनी होगी', प्रशासन और परिवहन विभाग के लिए एक कड़ा संदेश भी है। अब यह देखना होगा कि जांच के बाद इस दुर्घटना के सही कारणों का क्या पता चलता है और भविष्य में पहाड़ी मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।"
