हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। सांगला और डोडरा-क्वार के बीच रूपिन पास में हुए भारी हिमपात के कारण निचले इलाकों की ओर लौट रहे भेड़पालकों के डेरे फंस गए हैं। इस भीषण बर्फबारी में करीब 2000 भेड़-बकरियों के बर्फ के नीचे दबने की दर्दनाक खबर सामने आई है। हालात इतने भयावह हैं कि 3 फीट बर्फ की मोटी चादर में दबे मवेशियों के सिर्फ सींग ही दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन ने 12 सदस्यीय टीम के साथ युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। गनीमत यह है कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी इंसान की जान नहीं गई है। सरकार ने नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को विशेष राहत पैकेज देने का आश्वासन दिया है। पढ़ें विस्तार से ..
शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश के किन्नौर स्थित सांगला और डोडरा-क्वार के बीच रूपिन पास में हुए भारी हिमपात ने मवेशियों पर भारी कहर बरपाया है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों से निचले इलाकों की ओर लौट रहे भेड़पालकों के दो डेरे इस भीषण बर्फबारी की चपेट में आ गए हैं। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, करीब 2000 भेड़-बकरियां बर्फ के नीचे दब गई हैं। गनीमत यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन ने मवेशियों और भेड़पालकों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू कर दिया है।

बर्फ का खौफनाक मंजर: सिर्फ नजर आ रहे सींग
घटनास्थल पर हालात बेहद हृदयविदारक हैं। इलाके में तीन फीट से अधिक बर्फ जमा हो चुकी है, जिसके कारण बर्फ में दबी कई भेड़-बकरियों के सिर्फ सींग ही बाहर दिखाई दे रहे हैं। 27 सितंबर को अचानक हुए इस हिमपात के बाद, कुछ भेड़पालक और चलने की स्थिति में बचे मवेशी किसी तरह जान बचाकर डोडरा-क्वार की तरफ बने बेसकैंप में पहुंचने में सफल रहे हैं। हालांकि, कितने मवेशियों की मौत हुई है, इसका वास्तविक आंकड़ा बर्फ हटने और पूरी गिनती होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
12 सदस्यीय टीम पहुंची रूपिन पास, सैटेलाइट फोन से संपर्क
सूचना मिलते ही डोडरा-क्वार की एसडीएम कीर्ति चंदेल ने तुरंत एक 12 सदस्यीय रेस्क्यू टीम गठित कर मौके के लिए रवाना की। इस टीम में स्थानीय शेफर्ड (चरवाहे), होमगार्ड, पुलिस, फील्ड कानूनगो और राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। यह टीम बुधवार सुबह करीब 11 बजे रूपिन पास के टॉप पर पहुंच चुकी है। ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण प्रशासन बचाव दल से सैटेलाइट फोन के माध्यम से लगातार संपर्क बनाए हुए है।

सरकार देगी विशेष राहत पैकेज
शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि उन्होंने सैटेलाइट फोन के जरिए एसडीएम डोडरा-क्वार से पूरी रिपोर्ट ली है और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए जल्द ही संबंधित विभागों के अधिकारियों की एक और टीम मौके पर भेजी जाएगी। प्रदेश सरकार नुकसान की रिपोर्ट आने के बाद प्रभावित भेड़पालकों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू करेगी और उन्हें विशेष राहत पैकेज के तहत मदद देने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
ड्रोन से होगी मैपिंग, आज मौके पर जाएंगी एसडीएम
बचाव कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन अब तकनीक का भी सहारा लिया गया। वन विभाग के सहयोग से प्रभावित क्षेत्र की ड्रोन मैपिंग करवाई जाएगी, ताकि फंसे हुए मवेशियों की सटीक स्थिति का पता लगाया जा सके। इसके अलावा पशुपालन विभाग से भी डेटा जुटाया जा रहा है कि डेरों के साथ कुल कितने मवेशी गए थे। हालात का जायजा लेने के लिए एसडीएम कीर्ति चंदेल खुद स्थानीय गाइड के साथ गुरुवार को मौके का मुआयना करने रूपिन पास जाएंगी।
डिस्क्लेमर: खबर में बर्फ में दबी भेड़-बकरियों का आंकड़ा (2000) भेड़पालकों द्वारा दी गई प्रारंभिक सूचना और शुरुआती अनुमान पर आधारित है। बर्फबारी से हुए वास्तविक नुकसान की सटीक संख्या बर्फ के पिघलने और प्रशासन द्वारा किए जा रहे अंतिम सर्वे के बाद ही आधिकारिक तौर पर स्पष्ट हो सकेगी।
