महंगाई और राशन की कमी—इन दोनों मोर्चों पर जूझ रहे हिमाचल के एपीएल उपभोक्ताओं के लिए इस बार त्योहार मनाना आसान नहीं होगा। खाद्य आपूर्ति विभाग ने जहां चीनी और उड़द की दाल को क्रमशः 4 और 5 रुपये महंगा कर दिया है, वहीं आपूर्ति शृंखला चरमराने से डिपुओं में जरूरी राशन ही उपलब्ध नहीं है। हालांकि, डैमेज कंट्रोल के तहत उपभोक्ताओं को इस महीने 12 के बजाय 13 किलो आटा देने का फैसला किया गया है, लेकिन महंगी चीनी और गायब सरसों तेल ने इस मामूली राहत को बेअसर कर दिया है।
शिमला : हिमाचल प्रदेश में त्योहारी सीजन की दस्तक के साथ ही आम जनता, विशेषकर एपीएल (APL) राशन उपभोक्ताओं को महंगाई का एक बड़ा झटका लगा है। सरकारी राशन डिपुओं में मिलने वाले आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतों में अचानक वृद्धि कर दी गई है। एक ओर जहां चीनी और उड़द दाल के दामों में भारी उछाल आया है, वहीं दूसरी ओर गोदामों में स्टॉक की कमी ने उपभोक्ताओं की परेशानी को दोगुना कर दिया है।
चीनी की कीमतों में 4 रुपये का उछाल
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन में सबसे बड़ा असर चीनी के दामों पर पड़ा है। एपीएल परिवारों को अब डिपुओं में चीनी 48 रुपये के बजाय 52 रुपये प्रति किलो की दर से मिलेगी। त्योहारी सीजन के दौरान घरों में मिठाइयों और पारंपरिक पकवानों का निर्माण बढ़ जाता है, जिससे चीनी की खपत सबसे अधिक होती है। ऐसे समय में चीनी की कीमतों में सीधे 4 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी का असर सीधे तौर पर आम आदमी के घरेलू बजट और त्योहारों की मिठास पर पड़ेगा।
उड़द दाल 5 रुपये हुई महंगी, सरसों तेल की आपूर्ति प्रभावित
चीनी के साथ-साथ दालों की कीमतों ने भी उपभोक्ताओं की जेब पर कैंची चलाई है। एपीएल करदाता परिवारों के लिए उड़द की दाल में 5 रुपये प्रति किलो की वृद्धि की गई है। पहले जो उड़द दाल डिपुओं में 112 रुपये प्रति किलो उपलब्ध थी, उसके लिए अब उपभोक्ताओं को 117 रुपये चुकाने होंगे। इसके अतिरिक्त, आपूर्ति शृंखला भी लड़खड़ा गई है। प्रदेश के कई सरकारी गोदामों में उड़द की दाल और सरसों के तेल का स्टॉक खत्म होने की सूचना है, जिसके कारण कई राशन डिपुओं में इनकी आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है।
उपभोक्ताओं के लिए राहत: मिलेगा एक किलो अतिरिक्त आटा
महंगाई और राशन की किल्लत की इस दोहरी मार के बीच विभाग ने उपभोक्ताओं को एक छोटी राहत भी दी है। इस महीने सभी श्रेणियों के राशन उपभोक्ताओं को उनके निर्धारित कोटे से एक किलो अतिरिक्त आटा प्रदान किया जाएगा। नए आदेशों के तहत, उपभोक्ताओं को अब 12 किलो के बजाय 13 किलो आटा दिया जाएगा।
घरेलू बजट पर पड़ा सीधा असर
दशहरे और दीवाली जैसे बड़े त्योहारों से ठीक पहले राशन की कीमतों में हुई इस वृद्धि ने हिमाचल प्रदेश के मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि सरकार ने अतिरिक्त आटे का प्रावधान किया है, लेकिन महंगी चीनी, महंगी दाल और डिपुओं से गायब सरसों तेल के कारण आम आदमी की त्योहारी तैयारियां फीकी पड़ती नजर आ रही हैं। अब उपभोक्ताओं को इंतजार है कि खाद्य आपूर्ति विभाग जल्द से जल्द गोदामों में स्टॉक की कमी को पूरा करे, ताकि राशन के लिए डिपुओं के चक्कर न काटने पड़ें।