पूर्व सीबीआई डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मच सकती है। जाने-माने पत्रकार ब्रजभूषण मार्कंडेय के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने पीएम मोदी द्वारा खुद को 'अति पिछड़ा' बताने और सामाजिक भेदभाव के दावों को सीधे तौर पर एक 'कानूनी अपराध' करार दिया है। क्या प्रधानमंत्री के बयान समाज में अशांति फैलाते हैं? आइए विस्तार से जानते हैं कि इस बेबाक इंटरव्यू में पूर्व सीबीआई प्रमुख ने क्या-क्या गंभीर आरोप लगाए हैं। पढ़ें विस्तार से..
नई दिल्ली/शिमला: पूर्व सीबीआई (CBI) डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों और उनके द्वारा दिए गए बयानों को लेकर एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है। वरिष्ठ पत्रकार ब्रजभूषण मार्कंडेय के साथ एक इंटरव्यू के दौरान पूर्व सीबीआई प्रमुख ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अपने भाषणों में किए जाने वाले दावे समाज में तनाव फैलाते हैं और यह सीधे तौर पर एक कानूनी अपराध (Offense) है।

पत्रकार ब्रजभूषण मार्कंडेय ने उठाए पीएम के भाषणों पर सवाल
यह पूरा प्रकरण पत्रकार ब्रजभूषण मार्कंडेय द्वारा पूछे गए एक सवाल से शुरू हुआ। पत्रकार ने प्रधानमंत्री मोदी के उन भाषणों का जिक्र किया, जहां वे अक्सर सदन में खुद को 'अति पिछड़ा' बताते हैं। ब्रजभूषण मार्कंडेय ने सवाल किया कि पीएम मोदी अपने संबोधनों में कहते हैं कि "हमें पानी नहीं पीने दिया गया, हमारे बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश नहीं लेने दिया गया और हमें मंदिरों में जाने से रोका गया"।
पत्रकार ने पूछा कि जो व्यक्ति लगातार तीन बार मुख्यमंत्री रहा हो और अब तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री है, क्या उसके द्वारा इस तरह की बातें कहकर लोगों को भड़काना उचित है? पत्रकार ने आशंका जताते हुए पूछा कि क्या ऐसा व्यक्ति जब सत्ता में होता है तो क्या वह बदला नहीं लेगा? और क्या इस तरह भड़काना अपराध की श्रेणी में नहीं आता?

"यह निश्चित ही अपराध है..."
पत्रकार के इन सीधे सवालों का जवाब देते हुए पूर्व सीबीआई डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव ने बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने बिना किसी झिझक के कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जो कुछ भी बोल रहे हैं, वह "निश्चित रूप से एक अपराध है"।
पूर्व डायरेक्टर ने कानूनी नजरिए से इसे समझाते हुए कहा, "समाज में इस तरह तनाव पैदा करना और उस आधार पर अशांति फैलाना पूरी तरह से कानून के विरुद्ध है"। उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि प्रधानमंत्री जैसे देश के सबसे सर्वोच्च और गरिमामयी संवैधानिक पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए। उन्होंने अंत में पीएम मोदी के इस आचरण को 'बहुत गलत' करार दिया।

डिस्क्लेमर (Disclaimer):
यह खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पॉडकास्ट/वीडियो इंटरव्यू के आधार पर तैयार की गई है। इस लेख में व्यक्त किए गए विचार, दावे और आरोप पूर्व सीबीआई डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव और पत्रकार ब्रजभूषण मार्कंडेय के अपने निजी विचार हैं। हमारा न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म/चैनल इन बयानों की सत्यता या दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। इस खबर का उद्देश्य केवल साक्षात्कार में कही गई बातों को ज्यों का त्यों दर्शकों/पाठकों तक पहुँचाना है, किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना या किसी राजनीतिक दल का समर्थन/विरोध करना नहीं है।