हिमाचल प्रदेश की सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण द्रमण-पांगी सड़क को जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) का दर्जा मिल सकता है। नई दिल्ली में हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर चुवाड़ी-चंबा सुरंग और द्रमण से पांगी तक के मार्ग को एनएच घोषित करने का लिखित प्रस्ताव सौंपा। चीन और पाकिस्तान से जुड़ी सरहदों तक भारतीय सेना (योल कैंट) की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने वाले इस संवेदनशील प्रोजेक्ट पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि नई राष्ट्रीय राजमार्ग नीति के अंतिम रूप लेते ही इस सामरिक महत्व की सड़क को जनहित में स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी।
नई दिल्ली: (HD News); हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सोमवार, 26 अक्तूबर को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। उन्होंने चंबा जिले में चुवाड़ी-चंबा सुरंग निर्माण और सामरिक रूप से बेहद अहम शाहपुर/द्रमण-चुवाड़ी-चंबा होते हुए पांगी तक की सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) का दर्जा देने की पुरजोर मांग उठाई है।

केंद्रीय मंत्री को सौंपे गए मांग पत्र में पठानिया ने स्पष्ट किया कि शाहपुर-तीसा-साच-पांगी मार्ग देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। धर्मशाला के योल कैंट स्थित भारतीय सेना के डिविजनल मुख्यालय के लिए यह मार्ग काफी रणनीतिक अहमियत रखता है। चीन या पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की आपात स्थिति में सैनिकों और युद्ध सामग्री को सीमावर्ती इलाकों तक तुरंत पहुंचाने में यह सड़क निर्णायक भूमिका निभाएगी।

विधानसभा अध्यक्ष ने गडकरी को अवगत कराया कि फिलहाल इस मार्ग के केवल एक हिस्से (चंबा-तीसा-बैरागढ़-साच) को जीआरएफ (GRF) के तहत बनाने पर विचार चल रहा है, जिससे मूल सामरिक उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने आग्रह किया कि इस योजना में संशोधन कर द्रमण-सिहुंता-चुवाड़ी-चंबा (वाया जोत) मार्ग को भी शामिल किया जाए। उन्होंने याद दिलाया कि विश्व बैंक के सहयोग से इस सड़क का एक हिस्सा पहले ही चौड़ा (डबल लेन) किया जा चुका है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस मार्ग की सामरिक महत्ता को स्वीकार करते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि नए राष्ट्रीय राजमार्गों की घोषणा को लेकर केंद्र सरकार की नई नीति अंतिम चरण में है और गाइडलाइन तय होते ही इस प्रोजेक्ट को जनहित में स्वीकृति दे दी जाएगी। इस राजमार्ग के निर्माण से आकांक्षी जिला चंबा को बड़ी राहत मिलेगी और गगल एयरपोर्ट से सेना, स्थानीय लोगों व पर्यटकों के लिए पांगी तक का सफर बेहद सुगम व कम समय वाला हो जाएगा।
