हिमाचल: उम्र भर जनता को सेवाएं देने वाले हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के सेवानिवृत्त कर्मचारी आज अपने ही हकों के लिए मोहताज हैं। पिछले एक साल से रुकी पैंशन और वित्तीय देयताओं के भुगतान की मांग को लेकर पैंशनर्स ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उन्होंने सरकार और प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि 31 अक्तूबर तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे इस बार की दिवाली निगम मुख्यालय के बाहर धरना देकर मनाएंगे।

एक साल से पैंशन के लिए भटक रहे बुजुर्ग कर्मचारी
हिमाचल पथ परिवहन निगम से पिछले साल दिसम्बर के बाद सेवानिवृत्त हुए कई कर्मचारियों को अब तक पैंशन का भुगतान नहीं किया गया है। अपनी ही जमा-पूंजी और वित्तीय लाभ पाने के लिए इन बुजुर्ग कर्मचारियों को पिछले करीब एक साल से संघर्ष करना पड़ रहा है। लगातार की जा रही अनदेखी के चलते अब कर्मचारियों के सब्र का बांध टूट गया है और उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपना लिया है।
प्रबंध निदेशक के साथ हुई अहम बैठक
लंबित वित्तीय मांगों को लेकर बीते शुक्रवार को एचआरटीसी पैंशनर्स जॉइंट एक्शन कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने निगम के प्रबंध निदेशक शिवम प्रताप के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान पैंशनरों ने अपनी रुकी हुई पैंशन और अन्य देनदारियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इसके जवाब में प्रबंध निदेशक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों और समस्याओं को राज्य सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।

31 अक्तूबर की डेडलाइन, 3 नवम्बर को घेराव की चेतावनी
प्रबंध निदेशक के आश्वासन के बावजूद पैंशनरों ने अपना रुख कड़ा कर लिया है। जॉइंट एक्शन कमेटी ने निगम प्रबंधन और प्रदेश सरकार को खुली चेतावनी दी है कि यदि 31 अक्तूबर तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो 3 नवम्बर को एचआरटीसी मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। कमेटी के सचिव राजेंद्र ठाकुर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो सेवानिवृत्त कर्मचारी इस बार की दिवाली मुख्यालय के बाहर ही मनाएंगे।
बैठक में शामिल प्रमुख पदाधिकारी
शुक्रवार को हुई इस अहम बैठक में पेंशनर्स संगठनों के कई प्रमुख चेहरे शामिल रहे। इनमें हिमाचल पथ परिवहन पैंशनर्स कल्याण संगठन के प्रधान देवराज ठाकुर, पैंशनर्स कल्याण मंच के सचिव रूप चंद शर्मा, अध्यक्ष बृज लाल, केसी चौहान, अजमेर ठाकुर और देवेंद्र चौहान सहित अन्य पदाधिकारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।