साल 2026 में कीमती धातुओं के बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली है। सोने की तुलना में चांदी की कीमतों में लगभग दोगुनी गिरावट दर्ज की गई है। हालात यह हैं कि अगर किसी ने 2026 में चांदी के उच्चतम स्तर पर 1 लाख रुपये का निवेश किया होता, तो आज उसकी वैल्यू 50 हजार रुपये से भी कम रह जाती। आइए विस्तार से समझते हैं इस भारी गिरावट के आंकड़े, इसके कारण और भविष्य का बाजार अनुमान।

सोने और चांदी में गिरावट के प्रमुख आंकड़े वैश्विक बाजार में सोना 2026 के अपने उच्चतम स्तर से 28.79 फीसदी टूट चुका है, जबकि एमसीएक्स (MCX) पर गोल्ड में 21.57 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, 'गरीबों का सोना' और 'डेविल्स मेटल' के नाम से मशहूर चांदी ने निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है। वैश्विक स्तर पर चांदी अपने हाई से 56.04 फीसदी और एमसीएक्स पर 54.10 फीसदी लुढ़क चुकी है।
चांदी में भयंकर उतार-चढ़ाव केडिया एडवाइजरी के एमडी अजय केडिया के अनुसार, एमसीएक्स एक्सचेंज पर चांदी अपने जनवरी के उच्चतम स्तर 4, 20, 048 रुपये प्रति किलोग्राम से 54.10% गिरकर 1, 92, 800 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसमें 56.04% की गिरावट दर्ज की गई, जहां यह 121.64 डॉलर प्रति औंस से लुढ़ककर 53.47 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है।
कीमतों में गिरावट के मुख्य कारण इस भारी बिकवाली और गिरावट के पीछे कई बड़े वैश्विक और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं:

- भू-राजनीतिक तनाव और कच्चा तेल: अमेरिका-ईरान संघर्ष ने पारंपरिक 'सुरक्षित निवेश' (सेफ-हेवन) वाले रुख को उलट दिया है। ब्रेंट क्रूड के 110 डॉलर से ऊपर बने रहने के कारण महंगाई का जोखिम काफी बढ़ गया है।
- ब्याज दरों का दबाव: बढ़ती महंगाई के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें तेज हो गई हैं, जिसका सीधा दबाव कीमती धातुओं पर पड़ रहा है।
- लिक्विडिटी का संकट: शेयर बाजार में छाई कमजोरी और मार्च की शुरुआत में यूएई (UAE) के प्रॉपर्टी सौदों में 37% की गिरावट निवेशकों की सतर्कता और बाजार में लिक्विडिटी के भारी दबाव को दर्शाती है।
क्या अब खरीदारी का मौका है? भारी गिरावट के बावजूद, चांदी के बुनियादी कारक (Fundamentals) मजबूत बने हुए हैं। चांदी की लगभग 50% मांग इंडस्ट्रियल सेक्टर से आती है और बाजार में इसकी सप्लाई की लगातार कमी बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट धीरे-धीरे खरीदारी करने का एक अच्छा अवसर प्रदान कर रही है। वैश्विक स्तर पर 50 डॉलर का लेवल एक बेहद अहम सपोर्ट माना जा रहा है। जैसे-जैसे भू-राजनीतिक तनाव कम होगा, अगली धनतेरस तक चांदी में संभावित रूप से सुधार देखने को मिल सकता है और यह 90 से 100 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकती है।

2026 में सोने-चांदी की कीमतों का विश्लेषण
| कमोडिटी |
2026 हाई |
2026 लो |
मौजूदा भाव |
हाई से बदलाव (%) |
| गोल्ड स्पॉट ($) |
5597.91 |
3942.50 |
3986.54 |
-28.79% |
| गोल्ड एमसीएक्स (₹) |
180799.00 |
129595.00 |
141806.00 |
-21.57% |
| सिल्वर स्पॉट ($) |
121.64 |
53.47 |
53.47 |
-56.04% |
| सिल्वर एमसीएक्स (₹) |
420048.00 |
192800.00 |
192800.00 |
-54.10% |
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है। बाजार में पैसा लगाने से पहले हमेशा अपने प्रमाणित निवेश सलाहकार से परामर्श लें।