ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में हारी हुई बाजी को पलटते हुए वामपंथी नेता लूला डी सिल्वा चौथी बार देश के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद पूरे ब्राजील में उनके समर्थक भारी संख्या में उत्साहित होकर सड़कों पर जश्न मना रहे हैं। इस ऐतिहासिक जीत ने देश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला दिया है और लूला के समर्थकों में नई सरकार की नीतियों को लेकर भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

हालांकि, इस चुनावी नतीजे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी तीखी और विवादास्पद प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ट्रंप ने इस चुनाव को 'भ्रष्ट' करार देते हुए कहा कि यह चुनाव भी पूरी तरह से धांधली वाला और भयानक लग रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि उन्होंने इस चुनाव में किसी भी उम्मीदवार का सार्वजनिक रूप से समर्थन नहीं किया था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया की गहराई से निगरानी करने पर उन्हें इसमें भारी अनियमितताएं दिखाई दीं।

ट्रंप की इस सख्त टिप्पणी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई कूटनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। एक ओर जहां ब्राजील की जनता नई सरकार के गठन का जश्न मना रही है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान ने राजनयिक हलकों में खासी हलचल पैदा कर दी है। इसी बीच, सर्बिया में भी युवा आंदोलनकारियों की सफलता का जश्न मनाया जा रहा है, जिन्होंने अलेक्सांद्र वूचिच के लंबे शासन को समाप्त कर वैश्विक स्तर पर सत्ता परिवर्तनों को सुर्खियों में ला दिया है।