बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान 'मुरासु' (Cyclone Murasu) के प्रभाव से आज प्रातः से ही चेन्नई और तमिलनाडु के उत्तरी तटीय जिलों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम की गंभीर स्थिति और जलभराव की आशंका को देखते हुए चेन्नई जिला प्रशासन ने आज, 2 नवंबर को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और निचले इलाकों में पानी भरने से प्रातःकालीन यातायात प्रभावित हुआ है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा आज सुबह जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात 'मुरासु' के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और तटीय क्षेत्रों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपट्टू जिलों में आज दिनभर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की चेतावनी देते हुए 'ऑरेंज' और 'रेड' अलर्ट जारी किया गया है। मछुआरों को अगले आदेश तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की कई टीमों को संवेदनशील तटीय इलाकों में तैनात कर दिया है। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ने जलभराव को तुरंत निकालने के लिए सैकड़ों उच्च क्षमता वाले मोटर पंप लगाए हैं और चौबीसों घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम तथा हेल्पलाइन नंबर सक्रिय कर दिए हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकलें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। आईटी कंपनियों और निजी संस्थानों को भी अपने कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) की सुविधा देने का परामर्श दिया गया है ताकि सड़कों पर भीड़ कम रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय स्वयं राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहा है और तटीय इलाकों में बने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल व दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।