आज 3 नवंबर 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। दोपहर के बाद दशमी तिथि का आरंभ होगा। आज चंद्रमा सिंह राशि में विराजमान रहेंगे और मघा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान जी और मंगल देव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ समय, राहुकाल और पूजा-पाठ के महत्वपूर्ण मुहूर्त।
आज का पंचांग: 3 नवंबर 2026
* दिन: मंगलवार
* विक्रम संवत: 2083
* शक संवत: 1948
* संवत्सर: सिद्धार्थी
* अयन: दक्षिणायन
* ऋतु: हेमंत (द्रिक गणना के अनुसार)
* मास: कार्तिक (पूर्णिमांत), आश्विन (अमान्त)
* पक्ष: कृष्ण पक्ष
* तिथि: नवमी दोपहर 11:55 बजे तक, इसके बाद दशमी
* नक्षत्र: मघा, 4 नवंबर की सुबह 3:26 बजे तक
* योग: शुक्ल योग सुबह 9:53 बजे तक, इसके बाद ब्रह्म योग
* करण: गर करण सुबह 11:55 बजे तक, इसके बाद वणिज करण
* चंद्र राशि: सिंह
* सूर्य राशि: तुला
* दिशाशूल: उत्तर दिशा
तिथि का महत्व
आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है, जो सुबह से लेकर दोपहर 11 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। हिंदू धर्म में नवमी तिथि को धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और पितरों के निमित्त कर्म करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं दशमी तिथि को शुभ कार्यों, धार्मिक गतिविधियों और भगवान की आराधना के लिए उपयोगी माना गया है।
नक्षत्र और चंद्र राशि
आज मघा नक्षत्र रहेगा, जो 4 नवंबर की सुबह 3 बजकर 26 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र प्रारंभ होगा। मघा नक्षत्र के स्वामी केतु हैं और इसके अधिष्ठाता देव पितर माने जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र में मघा नक्षत्र को परंपरा, प्रतिष्ठा, पूर्वजों के सम्मान और नेतृत्व क्षमता से जोड़कर देखा जाता है। आज चंद्रमा सिंह राशि में गोचर करेंगे। सिंह राशि का स्वामी सूर्य है।
आज का योग
आज सुबह 9 बजकर 53 मिनट तक शुक्ल योग रहेगा। इसके बाद ब्रह्म योग प्रारंभ होगा। ज्योतिष शास्त्र में शुक्ल योग को शुभता, सकारात्मकता और कार्यों में प्रगति से संबंधित माना जाता है। ब्रह्म योग भी धार्मिक कार्यों, आध्यात्मिक चिंतन, पूजा-पाठ और ज्ञान प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
आज मंगलवार को शिमला में सूर्योदय सुबह 6 बजकर 38 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 31 मिनट पर होगा। दिनमान लगभग 10 घंटे 53 मिनट का रहेगा। चंद्रोदय रात 12 बजकर 36 मिनट और चंद्रास्त दोपहर लगभग 2 बजकर 7 मिनट पर होगा।
शुभ मुहूर्त
आज किसी भी महत्वपूर्ण और शुभ कार्य को प्रारंभ करने से पहले शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना लाभकारी माना जाता है।
* ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:53 से 5:46 बजे तक
* अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:42 से दोपहर 12:26 बजे तक
* विजय मुहूर्त: सुबह 11:42 से दोपहर 12:26 बजे तक
* गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:07 से 5:55 बजे तक
* प्रदोष काल: शाम 5:31 से 7:01 बजे तक
* निशिता काल: रात 11:38 से 12:31 बजे तक
अभिजित मुहूर्त को दिन के श्रेष्ठ शुभ समयों में से एक माना जाता है। इस दौरान नए कार्यों की शुरुआत, महत्वपूर्ण निर्णय और मांगलिक गतिविधियां करना शुभ माना जाता है।
राहुकाल और अशुभ समय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल में किसी भी नए और महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। आज मंगलवार को राहुकाल दोपहर 2 बजकर 48 मिनट से शाम 4 बजकर 9 मिनट तक रहेगा।
अन्य अशुभ समय इस प्रकार हैं:
* राहुकाल: दोपहर 2:48 से शाम 4:09 बजे तक
* यमगण्ड: सुबह 9:21 से 10:43 बजे तक
* गुलिक काल: दोपहर 12:04 से 1:26 बजे तक
इन अवधियों में नए शुभ कार्यों का शुभारंभ करने से बचने की परंपरा है।
आज का चौघड़िया मुहूर्त
दिन के चौघड़िया मुहूर्त इस प्रकार हैं:
| चौघड़िया | समय || -------- | ---------------- || रोग | सुबह 6:38–7:59 || उद्वेग | सुबह 7:59–9:21 || चर | सुबह 9:21–10:43 || लाभ | सुबह 10:43–12:04 || अमृत | दोपहर 12:04–1:26 || काल | दोपहर 1:26–2:48 || शुभ | दोपहर 2:48–4:09 || रोग | शाम 4:09–5:31 |
रात का चौघड़िया:
* लाभ: शाम 5:31 से 7:09 बजे तक
* उद्वेग: शाम 7:09 से 8:48 बजे तक
* शुभ: रात 8:48 से 10:26 बजे तक
* अमृत: रात 10:26 से 12:05 बजे तक
* चर: रात 12:05 से 1:43 बजे तक
मंगलवार को करें भगवान हनुमान जी की पूजा
आज मंगलवार होने के कारण भगवान हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार को हनुमान जी की आराधना करने से भय, संकट और नकारात्मकता से मुक्ति मिलती है। आज सुबह स्नान के बाद हनुमान जी के मंदिर में जाकर सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल अर्पित करें। हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों को भोजन या वस्त्र दान करना पुण्यकारी माना गया है।

आज का धार्मिक महत्व
कार्तिक मास को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र महीना माना जाता है। इस पूरे महीने भगवान विष्णु और भगवान शिव की आराधना, दीपदान, स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। कार्तिक कृष्ण पक्ष में धार्मिक नियमों का पालन, सात्विक भोजन और भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है। मंगलवार के संयोग में हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों को साहस, आत्मविश्वास और शक्ति प्राप्त होने की धार्मिक मान्यता है।
डिस्क्लेमर: इस पंचांग में दी गई तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल एवं चौघड़िया की जानकारी पारंपरिक हिंदू पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। सूर्योदय, सूर्यास्त एवं मुहूर्त के समय में स्थान के अनुसार अंतर संभव है। किसी भी शुभ कार्य या धार्मिक अनुष्ठान से पहले स्थानीय पंचांग अथवा विद्वान ज्योतिषाचार्य से पुष्टि अवश्य करें। यह जानकारी केवल धार्मिक एवं सामान्य ज्योतिषीय उद्देश्य के लिए है।
