सनातन परंपरा में किसी भी शुभ कार्य या पर्व की शुरुआत से पहले पंचांग के पांच अंगों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—का अवलोकन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। आज रविवार, 8 नवंबर 2026 का दिन ज्योतिषीय और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास है। आज कार्तिक मास की चतुर्दशी और अमावस्या तिथि का ऐसा दुर्लभ संगम हो रहा है, जिसमें नरक चतुर्दशी के दीपदान के साथ-साथ सायंकालीन महालक्ष्मी पूजन का महापर्व भी मनाया जाएगा। आइए, आज के संपूर्ण पंचांग के माध्यम से जानते हैं दिन भर के शुभ मुहूर्त, चौघड़िया, ग्रह-नक्षत्रों की चाल और वे जरूरी सावधानियां जो आपके आज के दिन को मंगलमय और फलदायी बनाएंगी।

तिथि, संवत एवं पर्व विशेष
आज विक्रम संवत 2083 (शक संवत 1948) के अंतर्गत कार्तिक मास (अमांत आश्विन मास) के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 11:28 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात पुण्यदायी अमावस्या तिथि का आरंभ हो जाएगा। आज का दिन अत्यंत पावन है क्योंकि सुबह चतुर्दशी तिथि में नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) और प्रदोष व रात्रि काल में अमावस्या तिथि की उपस्थिति से महापर्व दीपावली (लक्ष्मी पूजन) तथा कमला जयंती का शुभ संयोग बन रहा है। ऋतु हेमंत और सूर्य दक्षिणायन में स्थित हैं।
नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र मंडल की गणना के अनुसार आज पूरे दिन और रात्रि पर्यंत (कल सुबह 07:21 बजे तक) स्वाति नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो सुख-समृद्धि, व्यापार और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। योग की दृष्टि से आज रात्रि 02:58 बजे (9 नवंबर) तक आयुष्मान योग व्याप्त रहेगा, जिसके बाद सौभाग्य योग प्रारंभ होगा। करण की बात करें तो सुबह 11:28 बजे तक शकुनि करण, उसके उपरांत रात्रि 11:57 बजे तक चतुष्पाद करण और फिर नाग करण रहेगा।

सूर्य एवं चंद्र की स्थिति
आज सूर्य और चंद्रमा दोनों ही तुला राशि में संचरण कर रहे हैं। भारत के मानक समय (दिल्ली/राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के अनुसार आज सूर्योदय प्रातः 06:37 बजे और सूर्यास्त सायं 05:30 बजे होगा। (उज्जैन के समयानुसार सूर्योदय प्रातः 06:41 बजे तथा सूर्यास्त सायं 05:41 बजे रहेगा।)
आज के शुभ मुहूर्त
किसी भी नए कार्य, खरीदारी या पूजन के संकल्प के लिए आज का दिन विशेष फलदायी है। प्रातःकालीन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:01 बजे से 05:49 बजे तक रहेगा। दिन का सर्वश्रेष्ठ अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:41 बजे से 12:25 बजे तक और अमृत काल रात्रि 10:00 बजे से 11:42 बजे तक रहेगा। इसके अलावा दिन में लाभ व अमृत चौघड़िया सुबह 09:20 बजे से दोपहर 12:03 बजे तक तथा सायंकालीन लक्ष्मी पूजन के लिए शुभ व अमृत चौघड़िया शाम 05:30 बजे से रात्रि 08:47 बजे तक विशेष लाभकारी रहेंगे।
अशुभ समय एवं राहुकाल
शुभ व मांगलिक कार्यों के आरंभ में अशुभ काल का त्याग करना श्रेयस्कर होता है। आज सायं 04:08 बजे से 05:30 बजे तक राहुकाल रहेगा। इसके अतिरिक्त दोपहर 12:03 बजे से 01:25 बजे तक यमगण्ड काल और दोपहर 02:46 बजे से 04:08 बजे तक गुलिक काल रहेगा। रविवार होने के कारण आज पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहता है; यदि इस दिशा में यात्रा करना अनिवार्य हो, तो पान या घी का सेवन करके प्रस्थान करना शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण)
इस पंचांग में दी गई तिथि, मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की गणनाएं वैदिक ज्योतिष तथा मानक पंचांग (दिल्ली/एनसीआर के समयानुसार) पर आधारित हैं। भौगोलिक स्थिति और स्थानीय सूर्योदय के अनुसार विभिन्न शहरों के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। यह जानकारी केवल सामान्य धार्मिक एवं सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए प्रदान की गई है; किसी भी विशेष अनुष्ठान, मुहूर्त या ज्योतिषीय निर्णय से पूर्व अपने स्थानीय विद्वान पुरोहित या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।