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धर्म

सावन के महीने में शिवलिंग पर रोज चढ़ाये बिल पत्र, जानिए बिलपत्र को क्या दोबारा चढ़ाया जा सकता है?

July 09, 2020 10:02 AM

शिवजी के प्रिय सावन माह में पूजा करते समय शिवलिंग पर कई तरह की पूजन सामग्रियां, फूल-पत्तियां विशेष रूप से चढ़ाई जाती हैं। इनमें बिल्व पत्र का महत्व काफी अधिक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बिल्व पत्र का वृक्ष घर के बाहर या आसपास हो तो कई वास्तु दोष दूर हो जाते हैं। उत्तर-पश्चिम दिशा में लगा सकते हैं बिल्व वृक्ष

बिल्व का पौधे लगाना हो तो घर के उत्तर-पश्चिम कोण में लगाना शुभ रहता है। जिस घर मे बिल्व वृक्ष लगाया जाता है और रोज उसे पानी दिया जाता है, वहां रहने वाले लोगों के विचारों में सकारात्मकता बनी रहती है। उत्तर-पश्चिम कोण में वृक्ष लगाना संभव न हो तो इसे घर की उत्तर दिशा में भी लगाया जा सकता है।

शिवलिंग पर चढ़ाया गया बिल्व पत्र बासी नहीं होता यानी एक ही बिल्व पत्र को धोकर अगले दिन फिर से पूजा में चढ़ाया जा सकता है। बिल्व पत्र को कई दिनों तक बासी नहीं माना जाता है। शिवपुराण में बिल्व वृक्ष को शिवजी का ही रूप बताया गया है। इसे श्रीवृक्ष भी कहते हैं। श्री देवी लक्ष्मी का ही एक नाम है। इस कारण बिल्व की पूजा से लक्ष्मीजी की कृपा भी मिलती है। इस वृक्ष की जड़ों में गिरिजा, तने में महेश्वरी, शाखाओं में दक्षायनी, पत्तियों में पार्वती, फूलों में गौरी और फलों में देवी कात्यायनी वास करतीं हैं। इसी वजह से इस वृक्ष का पौराणिक महत्व काफी अधिक है।

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