8 फरवरी 2026: आज फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत दुर्लभ और महत्वपूर्ण है। कुंभ राशि में सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र और राहु का एक साथ होना 'स्टेलियम' (Stellium) यानी पंचग्रही योग का निर्माण कर रहा है। इसके साथ ही आज 'शिव योग' का संयोग बन रहा है, जो कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना जाता है। मकर राशि में उच्च के मंगल आपको ऊर्जावान बनाए रखेंगे। जानिए आज के शुभ मुहूर्त और ग्रह स्थितियों का पूरा ब्यौरा।
📅 महत्वपूर्ण तिथि एवं योग
- दिनांक: 18 फरवरी 2026 (बुधवार)
- तिथि: शुक्ल प्रतिपदा (सायं 04:57 बजे तक)
- योग: शिव (रात्रि 10:45 बजे तक) – कार्यों में सफलता का प्रतीक
- करण:
- बव (सायं 04:57 बजे तक)
- बालव (अगले दिन 19 फरवरी, प्रातः 04:31 बजे तक)

🌌 सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
- सूर्योदय: प्रातः 06:57 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:13 बजे
- चंद्रोदय: प्रातः 07:23 बजे
- चंद्रास्त: सायं 07:10 बजे
- सूर्य राशि: कुंभ
- चंद्र राशि: कुंभ
🪐 ग्रहों की स्थिति (प्रात: 06:00 बजे)
आज कुंभ राशि में 5 ग्रहों का जमावड़ा है, जो एक विशेष खगोलीय घटना है:
- सूर्य देव: कुंभ राशि
- चन्द्र देव: कुंभ राशि
- बुध देव: कुंभ राशि
- शुक्र देव: कुंभ राशि
- राहु: कुंभ राशि
- मंगल देव: मकर राशि (उच्च राशि में - साहस और पराक्रम में वृद्धि)
- गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि
- शनि देव: मीन राशि
- केतु: सिंह राशि

⏳ आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त
✅ शुभ समय (शुभ कार्यों के लिए):
- अभिजीत मुहूर्त: आज उपलब्ध नहीं है।
- अमृत काल: दोपहर 02:04 बजे से 03:40 बजे तक (इस समय का लाभ उठाएं)
🚫 अशुभ समय (सावधान रहें):
- राहुकाल: दोपहर 12:35 बजे से 02:00 बजे तक (नए निवेश या शुभ कार्य से बचें)
- गुलिकाल: प्रातः 11:11 बजे से 12:35 बजे तक
- यमगण्ड: प्रातः 08:22 बजे से 09:46 बजे तक

✨ आज का नक्षत्र: शतभिषा
आज चंद्रदेव शतभिषा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं (सायं 09:16 बजे तक)।
- नक्षत्र स्वामी: राहु
- देवता: वरुण (जल देवता)
- प्रतीक: खाली घेरा
- विशेषताएं: इस नक्षत्र का प्रभाव आपकी बुद्धि को तीव्र करेगा और आप महत्वाकांक्षी रहेंगे। हालांकि, यह नक्षत्र थोड़ा आलस्य भी दे सकता है।
- आज का मंत्र: चूँकि मंगल उच्च का है, इसलिए आलस्य को त्यागकर अपने साहस का परिचय दें, सफलता निश्चित है।
नोट: पंचांग स्थानीय समय और स्थान के अनुसार सूक्ष्म रूप से भिन्न हो सकता है। शुभ कार्यों के लिए अमृत काल का प्रयोग श्रेष्ठ रहेगा।
आपका दिन मंगलमय हो! 🙏