उत्कृष्ट महाविद्यालय (Centre of Excellence) संजोली के छात्रों के लिए आज का दिन एक 'प्रैक्टिकल क्लास' जैसा रहा। राजनीति विज्ञान की किताबों से निकलकर छात्रों ने आज लोकतंत्र के मंदिर यानी हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही को अपनी आँखों से देखा। कार्यवाही शुरू होने से पहले छात्रों ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से उनके कक्ष में विशेष मुलाकात की। इस दौरान एक दिलचस्प वाकया हुआ जब स्पीकर महोदय ने छात्रों की परीक्षा लेते हुए एक बुनियादी सवाल पूछ लिया, जिस पर छात्र निरुत्तर हो गए। इसके बाद स्पीकर ने खुद एक शिक्षक की भूमिका निभाते हुए उन्हें संसदीय प्रणाली का 'क क ख' समझाया। पढ़ें विस्तार से..

शिमला: (HD News); उत्कृष्ट महाविद्यालय (Centre of Excellence) संजोली के छात्र-छात्राओं के लिए आज का दिन बेहद ज्ञानवर्धक रहा। राजनीति विज्ञान और संसदीय प्रणाली को करीब से समझने के उद्देश्य से इन छात्रों ने आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा का दौरा किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले, छात्रों ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से उनके कक्ष में विशेष मुलाकात की और सदन के कामकाज को लेकर अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं।

संवाद के दौरान एक दिलचस्प वाकया तब देखने को मिला जब विधानसभा अध्यक्ष ने छात्रों की परीक्षा लेते हुए उनसे एक बुनियादी सवाल पूछा कि "आखिर विधानसभा है क्या?" इस प्रश्न पर छात्र निरुत्तर रह गए और सटीक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद, स्पीकर कुलदीप पठानियां ने स्वयं एक शिक्षक की भूमिका निभाते हुए छात्रों को विस्तार से समझाया कि विधानसभा जनप्रतिनिधियों का वह सदन है, जहाँ प्रदेश के 68 निर्वाचन क्षेत्रों से जनता अपने प्रतिनिधि चुनकर भेजती है। उन्होंने बताया कि जिस दल के पास बहुमत होता है, वही सरकार का गठन करता है और मंत्रिपरिषद तैयार होती है, जिसके मुखिया मुख्यमंत्री होते हैं।
संसदीय प्रणाली की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए श्री पठानियां ने छात्रों को बताया कि कानून बनाने का विशेष अधिकार देश में केवल लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के पास सुरक्षित है। उन्होंने सदन में विपक्ष की भूमिका को भी रेखांकित करते हुए कहा कि जब सत्र बुलाया जाता है, तो विपक्ष सरकार से तीखे सवाल पूछता है और सरकार उनका जवाब देने का प्रयास करती है, जिससे जनता के प्रति जवाबदेही तय होती है। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यपाल महोदय मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही कार्य करते हैं।

इस मुलाकात के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने छात्रों को 'स्पीकर' पद के चुनाव की प्रक्रिया भी समझाई। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया प्रोटेम स्पीकर (सदन का सबसे वरिष्ठ सदस्य) की देखरेख में शुरू होती है। यदि स्पीकर पद के लिए केवल एक नामांकन हो, तो चुनाव निर्विरोध होता है, लेकिन एक से अधिक उम्मीदवार होने पर गुप्त मतदान के जरिए सर्वाधिक मत प्राप्त करने वाले को अध्यक्ष चुना जाता है।
अंत में, विधानसभा अध्यक्ष ने सभी छात्रों को सदन के भीतर बैठकर लाइव कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस शैक्षिक भ्रमण से छात्र काफी उत्साहित नजर आए।
