हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन सियासी तूफ़ान का गवाह बना। रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) के मुद्दे पर सदन के भीतर 'संविधान' और 'सियासत' दोनों आमने-सामने आ गए। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने हाथों में भारत का संविधान लेकर केंद्र सरकार को घेरा और इसे हिमाचल का संवैधानिक अधिकार बताया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के चुनाव क्षेत्र बदलने और उनकी पत्नी की सीट (देहरा) पर पेंच फंसने का दावा कर माहौल गरमा दिया। पढ़ें विस्तार से..
शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया। रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) के मुद्दे पर छिड़ी बहस के दौरान डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री हाथ में भारत का संविधान लेकर सदन में पहुंचे। उन्होंने संविधान की प्रति लहराते हुए केंद्र सरकार और विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया, तो वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के चुनाव लड़ने और सरकार की स्थिरता पर ऐसे तीखे हमले किए कि सदन का माहौल गरमा गया।
'RDG आर्थिक नहीं, हिमाचलियत का सवाल है'
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि RDG कोई खैरात नहीं, बल्कि संविधान द्वारा हिमाचल को दिया गया अधिकार है। उन्होंने कहा, "संविधान निर्माताओं ने दूरदर्शिता के साथ पहाड़ी राज्यों को यह हक दिया था। आज जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, ये वही मानसिकता है जो कभी 'स्टेट हुड मारो ठूड' (राज्य का दर्जा मांगना ठोकर मारने जैसा है) के नारे लगाती थी।"

अग्निहोत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए सदन को बताया कि 17 में से 12 राज्यों की RDG पर निर्भरता मात्र 1% है (जैसे कर्नाटक), जबकि नागालैंड की 17% और हिमाचल की 13% है। उन्होंने कहा कि जीएसटी आने से हिमाचल जैसे उपभोक्ता राज्यों को नुकसान हुआ है, पहले जीएसटी कंपनसेशन बंद किया गया और अब RDG पर कैंची चलाई जा रही है। उन्होंने जयराम ठाकुर पर सीधा आरोप लगाया कि वे दिल्ली जाकर हिमाचल का पैसा रुकवा रहे हैं।
जयराम का पलटवार: 'अपनी भड़ास निकाल रहे डिप्टी सीएम'
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'प्रिविलेज' (विशेषाधिकार हनन) का मामला बताया। उन्होंने कहा, "सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए विपक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है। हम अपने स्तर पर केंद्र से बात कर रहे हैं, लेकिन सुक्खू सरकार तथ्यों के बजाय केवल राजनीतिक लड़ाई लड़ना चाहती है।"

'CM पत्नी की सीट मांग रहे, वहां भी पेंच फंसा'
सदन में जयराम ठाकुर ने चुटकी लेते हुए बड़ा राजनीतिक बम फोड़ा। उन्होंने कहा, "सरकार का साढ़े तीन साल का कार्यकाल बीत चुका है और अब चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालात ये हैं कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने लिए सुरक्षित विधानसभा सीट ढूंढ रहे हैं। वे अपनी पत्नी (देहरा सीट) के विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, लेकिन खबर है कि वहां उनकी पत्नी भी चुनाव लड़ने पर अड़ी हुई हैं।" उन्होंने डिप्टी सीएम पर भी तंज कसते हुए कहा कि अग्निहोत्री जी तो पहले ही कह चुके हैं कि उनका अब चुनाव लड़ने का मन नहीं है, जिससे साफ है कि कांग्रेस विधायक चुनाव से भागने का रास्ता खोज रहे हैं।
RDG का मुद्दा अब केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित न रहकर 'हिमाचल के स्वाभिमान' और 'राजनीतिक अस्तित्व' की आर-पार की लड़ाई बन चुका है। जहाँ एक तरफ सुक्खू सरकार संविधान की दुहाई देकर केंद्र से आर्थिक मदद मांग रही है, वहीं विपक्ष इसे सरकार की 'प्रबंधन की विफलता' करार दे रहा है।
