चंबा: मैहला में 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम का आयोजन: विधानसभा अध्यक्ष ने मौके पर निपटाईं जनसमस्याएं - पढ़ें पूरी खबर       जब 'सरकार गांव के द्वार' में वीआईपी मंच छोड़ जनता की दरी पर जा बैठे विधायक... प्रशासन के फूले हाथ-पांव - देखें पूरी खबर..       आज का राशिफल, 28 फरवरी 2026: जानिए किन राशियों की चमकेगी किस्मत और कैसा रहेगा आपका दिन!       हिमाचल में 'गजब' व्यवस्था परिवर्तन: रिटायरमेंट के 9 महीने बाद 4 कानूनगो बने नायब तहसीलदार; सरकार के इस फैसले पर उठे सवाल - पढ़ें पूरी खबर..       हिमाचल पुलिस के सामने चट्टान की तरह डटे ACP राहुल विक्रम: जानिए 'स्पेशल सेल' के उस अफसर को, जिसके नाम से कांपते हैं गैंगस्टर       ​'न्यायपालिका और भगवान हमारे साथ...': शराब घोटाले में क्लीन चिट मिलते ही रो पड़े केजरीवाल, मोदी-शाह पर साधा निशाना - पढ़ें पूरी खबर..       आज का राशिफल (27 फरवरी 2026): लक्ष्मी योग और ग्रहों की चाल से चमकेगा इन 4 राशियों का भाग्य, जानें अपनी राशि का हाल       हिमाचल न्यूज़ : दिल्ली पुलिस और शिमला पुलिस के बीच कानूनी टकराव, मनाली में चंपाई सोरेन के पोते का निधन और प्रदेश में बर्फबारी का 'येलो अलर्ट'       आज का राशिफल (26 फरवरी): मेष से मीन तक, जानिए किन राशियों के चमकेंगे सितारे और किन्हें बरतनी होगी सावधानी..?       हिमाचल का कड़ा एक्शन: बीच रास्ते रोका दिल्ली पुलिस का काफिला, 20 जवान हिरासत में... जानें AI समिट से कैसे जुड़े हैं तार ?      

हिमाचल

मायानगरी की 'QUEEN' कंगना रनौत से आखिर कैसे हार गया सियासत का 'KING' विक्रमादित्य सिंह ? कंगना की जीत और विक्रमादित्य की हार के ये हैं बड़े कारण, पढ़ें पूरी खबर..

June 06, 2024 07:42 AM
फ़ोटो सोर्स : सोशल मीडिया
Om Prakash Thakur

हिमाचल की सभी चारों लोकसभा सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल कर ली है। ऐसे में प्रदेश की सबसे ज्यादा चर्चित मंडी सीट से कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने कांग्रेस के उम्मीदवार विक्रमादित्य को हरा दिया है। इसी कड़ी में हम कंगना की जीत और विक्रमादित्य की हार के प्रमुख कारणों की चर्चा करेंगे..

मंडी: हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट पर बॉलीवुड की क्वीन कंगना रनौत को जीत मिली है। यहां से कांग्रेस के विक्रमादित्य सिंह को भारी मतों से हार का सामना करना पड़ा है। मंडी की सियासी जंग में एक तरफ मायानगरी की रानी थी तो दूसरी तरफ सियासत के राजा विक्रमादित्य सिंह थे, लेकिन मायानगरी की रानी सियासत के राजा को शिकस्त देने में कामयाब हो गई। कंगना की जीत में सबसे बड़ा श्रेय पूर्व सीएम जयराम ठाकुर को जाता है। उन्होंने मंडी लोकसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाई और मैदान में जमकर पसीना बहाया।

मंडी लोकसभा चुनाव में पूर्व CM जय राम ठाकुर ने अहम भूमिका निभाई और मैदान में बहाया जमकर पसीना

कंगना रनौत के लिए सियासत में कदम रखना नया अनुभव था, लेकिन जब उन्हें जयराम जैसे अनुभवी नेता का साथ मिला तो जीत पक्की हो गई। जयराम ठाकुर ने मंडी सीट पर जो मेहनत की, उसका परिणाम सभी के सामने है। वो सभी 17 विधानसभा क्षेत्रों के ज्यादा से ज्यादा गांवों तक जाने और वहां की जनता से मिलकर अपनी बात रखने में कामयाब हुए।

हिमाचल में छह सीटों पर उपचुनाव भी हुए, लेकिन जयराम ठाकुर कुछ एक हलकों में जाने के अलावा, मंडी लोकसभा क्षेत्र में पूरी तरह डटे रहे। उनके विधानसभा क्षेत्र सराज से कंगना रनौत को 14698 वोटों की लीड मिली। वह हर कदम पर कंगना रनौत के साथ रहे। कंगना की जहां भी रैली और जनसभा होती थी, जयराम ठाकुर उनके साथ साए ही तरह चले। नतीजा अब सबके सामने है। जीत के बाद मंडी में मीडिया से बातचीत में कंगना ने पूर्व सीएम जयराम ठाकुर को पूरा क्रेडिट दिया। कंगना रनौत ने कहा कि क्योंकि यह मेरा पहला चुनाव था और यह पहली जीत है। जयराम ठाकुर ने पूरा कैंपेन लीड किया। मैं उनका तहेदिल से आभार करती हूं।

वहीं जयराम ठाकुर ने कहा कि चुनाव के दौरान मंडी का गलत तरीके से नाम लेकर बदनाम करने के कोशिश की गई। लेकिन मंडी की जनता ने कंगना रनौत को समर्थन देकर उन सभी लोगों के मुंह पर ताला लगा दिया है, जो इसे बदमान कर रहे थे। जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं ने इस सीट को लेकर कई तरह की बातें कहीं, लेकिन लोगों ने करारा जवाब दिया है।

जयराम ठाकुर ने हर मंच पर मंडी के मान, सम्मान और स्वाभिमान की बात को प्रमुखता से रखा। दूसरे नेताओं की तरफ से जयराम के बारे में भी कई तरह की बातें कहीं गई, लेकिन उन्होंने खुद शालिनता का परिचय देते हुए सभ्यता के दायरे में रहकर ही बात की। यही कारण रहा कि मंडी की जनता ने अपने हरदिल अजीज नेता की बातों का मान रखा और अपना जनादेश सुनाया।

कंगना की जीत के मुख्य कारण

 

कांग्रेस की हार के मुख्य कारण

बता दें कि मंडी लोकसभा सीट पर कुल 1, 01, 8253 वोट पोल हुए थे. इनमें से कंगना रनौत को 537022 वोट मिले जबकि विक्रमादित्य सिंह को 4, 62, 267 लोगों ने वोट डाला। कंगना रनौत यहां से 74, 755 मतों के अंतर से जीती। चुनाव आयोग की तरफ यह आंकड़ा जारी किया गया है। मंडी से 5645 लोगों ने नोटा दबाया और 2443 पोस्टल वोट रद्द हुए। ऐसे में कंगना रनौत करीब 74 हजार से अधिक मतों से चुनाव जीती। इसी के साथ उन्होंने भाजपा (B.J.P) से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की है। अब यह देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में कंगना का राजनीतिक सफर कितनी उड़ान भर पाता है।

कंगना रनौत को विरासत में मिली राजनीति, परदादा रह चुके हैं विधायक

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत की लोकसभा में एंट्री हो चुकी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन्हें हिमाचल की मंडी सीट से लोकसभा प्रत्याशी जितवाकर लोकसभा में भेज दिया है। कंगना रनौत भले ही इस लोकसभा चुनाव में नई थी, लेकिन उनके परिवार का राजनीति से जुड़ाव पहला नहीं था। कंगना के परदादा स्वर्गीय सरजू सिंह त्रिफालघाट विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे थे। वहीं कंगना का पैतृक घर भांबला में है। इस कारण कंगना से बाहरी नेता का टैग हट गया।

त्रिफालघाट से थे परदादा विधायक

कंगना रनौत (Kangana Ranaut News) का जन्म 23 मार्च 1987 को हुआ। उनके परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि की चर्चा करें तो उनके परदादा स्वर्गीय सरजू सिंह रनौत त्रिफालघाट विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। कंगना के पिता अरदीप सिंह रनौत व्यवसायी हैं और मां शिक्षिका के पद से रिटायर्ड हैं। वह अभी भी पैतृक घर भांबला में है। 23 मार्च को कंगना ने जन्म दिवस मनाया था। इसके एक दिन बाद ही भाजपा ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी इसमें हिमाचल की मंडी सीट से उनका नाम भी था।

जानिए कितनी की है पढ़ाई ?

अगर कंगना की पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने डीएवी स्कूल, चंडीगढ़ से अपनी स्कूलिंग की है। एक रिपोर्ट के अनुसार कंगना सिर्फ 12वीं तक ही पढ़ी हैं जिसके बाद उन्होंने एक्ट्रेस बनने के लिए अपना घर छोड़ दिया था और वह मुंबई आ गई थीं। 

 

Have something to say? Post your comment

हिमाचल में और

चंबा: मैहला में 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम का आयोजन: विधानसभा अध्यक्ष ने मौके पर निपटाईं जनसमस्याएं - पढ़ें पूरी खबर

जब 'सरकार गांव के द्वार' में वीआईपी मंच छोड़ जनता की दरी पर जा बैठे विधायक... प्रशासन के फूले हाथ-पांव - देखें पूरी खबर..

हिमाचल में 'गजब' व्यवस्था परिवर्तन: रिटायरमेंट के 9 महीने बाद 4 कानूनगो बने नायब तहसीलदार; सरकार के इस फैसले पर उठे सवाल - पढ़ें पूरी खबर..

हिमाचल पुलिस के सामने चट्टान की तरह डटे ACP राहुल विक्रम: जानिए 'स्पेशल सेल' के उस अफसर को, जिसके नाम से कांपते हैं गैंगस्टर

हिमाचल न्यूज़ : दिल्ली पुलिस और शिमला पुलिस के बीच कानूनी टकराव, मनाली में चंपाई सोरेन के पोते का निधन और प्रदेश में बर्फबारी का 'येलो अलर्ट'

हिमाचल का कड़ा एक्शन: बीच रास्ते रोका दिल्ली पुलिस का काफिला, 20 जवान हिरासत में... जानें AI समिट से कैसे जुड़े हैं तार ?

हिमाचल में दर्दनाक हादसा: HRTC बस और ऑल्टो की सीधी भिड़ंत में मां-बेटी की दर्दनाक मौत, 2 मासूमों समेत 4 लोगों की हालत गम्भीर - पढ़ें पूरी खबर

हिमाचल बुलेटिन: आर्थिक मोर्चे पर केंद्र-राज्य में 'रार', शहीद अमनीत को नम आंखों से विदाई और फरवरी में ही मई जैसी तपिश का रिकॉर्ड - पढ़ें विस्तार से..

शिमला: अस्पताल परिसर में इंसान की कटी टांग नोचता दिखा कुत्ता, सुपर स्पेशलिटी के आंगन में 'सिस्टम' की बेशर्मी और संवेदनहीनता की सारी हदें पार ! जानिए वायरल वीडियो का सच..

शिमला MC में संवैधानिक संकट: अध्यादेश खत्म, फिर भी 'शक्तिहीन' मेयर ने पेश किया बजट; भाजपा का हल्ला बोल, डीसी से की शिकायत - पढ़ें पूरी खबर..