हिंदी ENGLISH E-Paper Download App Contact us Saturday | February 28, 2026
चंबा: मैहला में 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम का आयोजन: विधानसभा अध्यक्ष ने मौके पर निपटाईं जनसमस्याएं - पढ़ें पूरी खबर       जब 'सरकार गांव के द्वार' में वीआईपी मंच छोड़ जनता की दरी पर जा बैठे विधायक... प्रशासन के फूले हाथ-पांव - देखें पूरी खबर..       आज का राशिफल, 28 फरवरी 2026: जानिए किन राशियों की चमकेगी किस्मत और कैसा रहेगा आपका दिन!       हिमाचल में 'गजब' व्यवस्था परिवर्तन: रिटायरमेंट के 9 महीने बाद 4 कानूनगो बने नायब तहसीलदार; सरकार के इस फैसले पर उठे सवाल - पढ़ें पूरी खबर..       हिमाचल पुलिस के सामने चट्टान की तरह डटे ACP राहुल विक्रम: जानिए 'स्पेशल सेल' के उस अफसर को, जिसके नाम से कांपते हैं गैंगस्टर       ​'न्यायपालिका और भगवान हमारे साथ...': शराब घोटाले में क्लीन चिट मिलते ही रो पड़े केजरीवाल, मोदी-शाह पर साधा निशाना - पढ़ें पूरी खबर..       आज का राशिफल (27 फरवरी 2026): लक्ष्मी योग और ग्रहों की चाल से चमकेगा इन 4 राशियों का भाग्य, जानें अपनी राशि का हाल       हिमाचल न्यूज़ : दिल्ली पुलिस और शिमला पुलिस के बीच कानूनी टकराव, मनाली में चंपाई सोरेन के पोते का निधन और प्रदेश में बर्फबारी का 'येलो अलर्ट'       आज का राशिफल (26 फरवरी): मेष से मीन तक, जानिए किन राशियों के चमकेंगे सितारे और किन्हें बरतनी होगी सावधानी..?       हिमाचल का कड़ा एक्शन: बीच रास्ते रोका दिल्ली पुलिस का काफिला, 20 जवान हिरासत में... जानें AI समिट से कैसे जुड़े हैं तार ?      

हिमाचल | चंबा

जब 'सरकार गांव के द्वार' में वीआईपी मंच छोड़ जनता की दरी पर जा बैठे विधायक... प्रशासन के फूले हाथ-पांव - देखें पूरी खबर..

February 28, 2026 02:19 PM
ओम प्रकाश ठाकुर

लोकतंत्र में जब एक चुने हुए विधायक की आवाज़ ही विधानसभा में अनसुनी कर दी जाए, तो वो न्याय मांगने कहाँ जाएगा? सत्ता के गलियारों में सिस्टम की बेरुखी की पोल खोलती एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है चंबा के भरमौर से, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मौका था 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम का। सामने सजा था वीआईपी मंच, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष सहित तमाम बड़े चेहरे मौजूद थे। लेकिन भरमौर के विधायक डॉ. जनकराज ने इस वीआईपी तामझाम को ठुकरा दिया और सीधे आम जनता के बीच दरी पर जाकर बैठ गए। विधायक का सीधा आरोप है कि पिछले तीन सालों से सदन में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बीच कार्यक्रम में विधायक के इस बगावती तेवर से अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। मान-मनौव्वल, मिन्नतों और हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच क्या कुछ हुआ इस 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम में... देखें पूरी खबर.."

चम्बा: (HD News); लोकतांत्रिक व्यवस्था में जब किसी चुने हुए जनप्रतिनिधि की आवाज़ सत्ता के गलियारों में अनसुनी कर दी जाए, तो वह विरोध का नया रास्ता चुनता है। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला वाकया "सरकार जनता के द्वार" कार्यक्रम में देखने को मिला। यहाँ वीआईपी संस्कृति और प्रोटोकॉल को पूरी तरह दरकिनार करते हुए क्षेत्र के विधायक जनकराज सीधे आम जनता के बीच जा बैठे। उनके इस अप्रत्याशित कदम ने न केवल सरकारी अमले की नींद उड़ा दी, बल्कि कार्यक्रम में न्याय की आस लेकर आए हर आम शख्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

तीन साल की खीझ और अनसुनी शिकायतों का दर्द: विधायक जनकराज का यह कदम अचानक या बिना किसी कारण के नहीं उठाया गया था, बल्कि यह पिछले तीन सालों से दबे हुए उस आक्रोश का प्रकटीकरण था, जिसे वे सिस्टम से लड़ते हुए महसूस कर रहे थे। जनता के बीच जमीन पर बैठकर उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा, "मुझे इसी आम जनता ने अपना नुमाइंदा चुनकर विधानसभा की चौखट तक पहुंचाया है। मैं पिछले तीन सालों से सदन में पूरी ताकत और प्रमुखता के साथ अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठा रहा हूँ, लेकिन दुर्भाग्य है कि वहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जब विधानसभा में मेरी आवाज़ को अनसुना किया जा रहा है, तो मुझे वीआईपी मंच पर बैठने का कोई अधिकार नहीं है।"

"यहीं से सवाल पूछूंगा, और शांति से जवाब सुनूंगा": उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर करारा तंज कसते हुए कहा कि आज जब सरकार खुद चलकर 'जनता के द्वार' पर जनसमस्याएं सुनने आई है, तो एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका दायित्व मंच की शोभा बढ़ाना नहीं, बल्कि अपनी जनता की ढाल बनना है। जनकराज ने स्पष्ट किया, "मैंने तय किया है कि मैं आज किसी मंच पर नहीं, बल्कि आम आदमी के साथ बैठूंगा। यहीं से सरकार के सामने अपने लोगों की बात रखूंगा और बहुत ही शांति से सरकार का जवाब भी सुनूंगा।"

राजनीतिक परिपक्वता: विरोध मगर बिना किसी हंगामे के: इस मूक लेकिन बेहद धारदार विरोध के बीच विधायक ने यह भी सुनिश्चित किया कि सरकारी काम में कोई बाधा न आए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में ऐलान किया कि उनका मकसद इस कार्यक्रम में कोई व्यवधान डालना या सस्ती लोकप्रियता के लिए हंगामा खड़ा करना कतई नहीं है। उन्होंने भावुक होते हुए याद दिलाया कि उनकी राजनीतिक हैसियत और विधानसभा की कुर्सी इसी जनता की बदौलत है। इसलिए जब जनता अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए धक्के खा रही है, तो उनका असली स्थान मंच के आरामदायक सोफे पर नहीं, बल्कि इसी भीड़ का हिस्सा होना है।

अधिकारियों के फूले हाथ-पांव और फजीहत का डर: एक मौजूदा विधायक का सरकार या प्रशासन के सामने आम जनता की तरह न्याय की गुहार लगाने के लिए बैठ जाना, मौके पर मौजूद अधिकारियों के लिए किसी भारी फजीहत से कम नहीं था। जैसे ही आला अधिकारियों की नजर जनता के बीच बैठे विधायक पर पड़ी, पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और वे बदहवासी में दौड़कर विधायक के पास पहुंचे। कार्यक्रम का एजेंडा अचानक जनसमस्याओं से हटकर 'विधायक जी को मनाने' पर केंद्रित हो गया।

मौके की नजाकत और मीडिया के कैमरों को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। विधायक जनकराज से काफी मान-मनौव्वल की गई। लंबी जद्दोजहद और भारी मिन्नतों के बाद, आखिरकार अधिकारी उन्हें जनता के बीच से उठाकर ससम्मान 'सरकार जनता के द्वार' कार्यक्रम के मुख्य स्टेज तक ले जाने में कामयाब रहे। हालांकि, अधिकारियों ने उन्हें मंच पर तो बैठा दिया, लेकिन इस घटना ने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है कि जब एक विधायक की सुनवाई नहीं हो रही, तो आम आदमी का क्या हाल होगा?

 

Have something to say? Post your comment

हिमाचल में और

चंबा: मैहला में 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम का आयोजन: विधानसभा अध्यक्ष ने मौके पर निपटाईं जनसमस्याएं - पढ़ें पूरी खबर

हिमाचल में 'गजब' व्यवस्था परिवर्तन: रिटायरमेंट के 9 महीने बाद 4 कानूनगो बने नायब तहसीलदार; सरकार के इस फैसले पर उठे सवाल - पढ़ें पूरी खबर..

हिमाचल पुलिस के सामने चट्टान की तरह डटे ACP राहुल विक्रम: जानिए 'स्पेशल सेल' के उस अफसर को, जिसके नाम से कांपते हैं गैंगस्टर

हिमाचल न्यूज़ : दिल्ली पुलिस और शिमला पुलिस के बीच कानूनी टकराव, मनाली में चंपाई सोरेन के पोते का निधन और प्रदेश में बर्फबारी का 'येलो अलर्ट'

हिमाचल का कड़ा एक्शन: बीच रास्ते रोका दिल्ली पुलिस का काफिला, 20 जवान हिरासत में... जानें AI समिट से कैसे जुड़े हैं तार ?

हिमाचल में दर्दनाक हादसा: HRTC बस और ऑल्टो की सीधी भिड़ंत में मां-बेटी की दर्दनाक मौत, 2 मासूमों समेत 4 लोगों की हालत गम्भीर - पढ़ें पूरी खबर

हिमाचल बुलेटिन: आर्थिक मोर्चे पर केंद्र-राज्य में 'रार', शहीद अमनीत को नम आंखों से विदाई और फरवरी में ही मई जैसी तपिश का रिकॉर्ड - पढ़ें विस्तार से..

शिमला: अस्पताल परिसर में इंसान की कटी टांग नोचता दिखा कुत्ता, सुपर स्पेशलिटी के आंगन में 'सिस्टम' की बेशर्मी और संवेदनहीनता की सारी हदें पार ! जानिए वायरल वीडियो का सच..

शिमला MC में संवैधानिक संकट: अध्यादेश खत्म, फिर भी 'शक्तिहीन' मेयर ने पेश किया बजट; भाजपा का हल्ला बोल, डीसी से की शिकायत - पढ़ें पूरी खबर..

SBI शिमला में अनुबंधित कर्मियों का हल्लाबोल: 5 घंटे चला उग्र प्रदर्शन, अफसरों के घेराव के बाद झुका प्रबंधन, रोके गए सैकड़ों गैर-कानूनी तबादले - पढ़ें पूरी खबर..