Thursday | October 29, 2026
अखाड़े में फिर गूंजी भारत की दहाड़, तमाम विवादों को पछाड़ते हुए भारतीय पहलवानों ने विश्व चैंपियनशिप में गाड़े झंडे       टीम इंडिया में 'सुपरस्टार कल्चर' पर चला बीसीसीआई का चाबुक, खराब प्रदर्शन के बाद दिग्गजों की छुट्टी तय       आईटी सेक्टर में 'एआई' ने मचाई भयंकर तबाही, दिग्गज कंपनियों में छंटनी का दौर शुरू, लाखों नौकरियों पर मंडराया काला साया       सेमीकंडक्टर रेस में टाटा और रिलायंस की सीधी टक्कर, भारत बना दुनिया का नया सिलिकॉन वॉर-रूम       10 मिनट डिलीवरी के तिलिस्म पर सरकारी हंटर, क्विक कॉमर्स कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर उठे गंभीर सवाल       शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली, सेंसेक्स औंधे मुंह गिरा, निवेशकों के डूबे लाखों करोड़       बॉलीवुड के 'पावर कपल' के रिश्ते में आई दरार? सोशल मीडिया से तस्वीरें डिलीट होने के बाद गॉसिप बाजार गर्म       हॉलीवुड में बजा भारतीय सिनेमा का डंका, ऑस्कर विजेता डायरेक्टर की पैन-ग्लोबल फिल्म में लीड रोल करेंगी दीपिका       नई वेब सीरीज 'सत्यचक्र' पर भड़का सियासी बवाल, मेकर्स पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का गंभीर आरोप       स्पेन में हाई-स्पीड ट्रेनों की आमने-सामने भीषण टक्कर, रेलवे सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल      

हिमाचल | चंबा

जब 'सरकार गांव के द्वार' में वीआईपी मंच छोड़ जनता की दरी पर जा बैठे विधायक... प्रशासन के फूले हाथ-पांव - देखें पूरी खबर..

February 28, 2026 02:19 PM
ओम प्रकाश ठाकुर

लोकतंत्र में जब एक चुने हुए विधायक की आवाज़ ही विधानसभा में अनसुनी कर दी जाए, तो वो न्याय मांगने कहाँ जाएगा? सत्ता के गलियारों में सिस्टम की बेरुखी की पोल खोलती एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है चंबा के भरमौर से, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मौका था 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम का। सामने सजा था वीआईपी मंच, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष सहित तमाम बड़े चेहरे मौजूद थे। लेकिन भरमौर के विधायक डॉ. जनकराज ने इस वीआईपी तामझाम को ठुकरा दिया और सीधे आम जनता के बीच दरी पर जाकर बैठ गए। विधायक का सीधा आरोप है कि पिछले तीन सालों से सदन में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बीच कार्यक्रम में विधायक के इस बगावती तेवर से अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। मान-मनौव्वल, मिन्नतों और हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच क्या कुछ हुआ इस 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम में... देखें पूरी खबर.."

चम्बा: (HD News); लोकतांत्रिक व्यवस्था में जब किसी चुने हुए जनप्रतिनिधि की आवाज़ सत्ता के गलियारों में अनसुनी कर दी जाए, तो वह विरोध का नया रास्ता चुनता है। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला वाकया "सरकार जनता के द्वार" कार्यक्रम में देखने को मिला। यहाँ वीआईपी संस्कृति और प्रोटोकॉल को पूरी तरह दरकिनार करते हुए क्षेत्र के विधायक जनकराज सीधे आम जनता के बीच जा बैठे। उनके इस अप्रत्याशित कदम ने न केवल सरकारी अमले की नींद उड़ा दी, बल्कि कार्यक्रम में न्याय की आस लेकर आए हर आम शख्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

तीन साल की खीझ और अनसुनी शिकायतों का दर्द: विधायक जनकराज का यह कदम अचानक या बिना किसी कारण के नहीं उठाया गया था, बल्कि यह पिछले तीन सालों से दबे हुए उस आक्रोश का प्रकटीकरण था, जिसे वे सिस्टम से लड़ते हुए महसूस कर रहे थे। जनता के बीच जमीन पर बैठकर उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा, "मुझे इसी आम जनता ने अपना नुमाइंदा चुनकर विधानसभा की चौखट तक पहुंचाया है। मैं पिछले तीन सालों से सदन में पूरी ताकत और प्रमुखता के साथ अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठा रहा हूँ, लेकिन दुर्भाग्य है कि वहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जब विधानसभा में मेरी आवाज़ को अनसुना किया जा रहा है, तो मुझे वीआईपी मंच पर बैठने का कोई अधिकार नहीं है।"

"यहीं से सवाल पूछूंगा, और शांति से जवाब सुनूंगा": उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर करारा तंज कसते हुए कहा कि आज जब सरकार खुद चलकर 'जनता के द्वार' पर जनसमस्याएं सुनने आई है, तो एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका दायित्व मंच की शोभा बढ़ाना नहीं, बल्कि अपनी जनता की ढाल बनना है। जनकराज ने स्पष्ट किया, "मैंने तय किया है कि मैं आज किसी मंच पर नहीं, बल्कि आम आदमी के साथ बैठूंगा। यहीं से सरकार के सामने अपने लोगों की बात रखूंगा और बहुत ही शांति से सरकार का जवाब भी सुनूंगा।"

राजनीतिक परिपक्वता: विरोध मगर बिना किसी हंगामे के: इस मूक लेकिन बेहद धारदार विरोध के बीच विधायक ने यह भी सुनिश्चित किया कि सरकारी काम में कोई बाधा न आए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में ऐलान किया कि उनका मकसद इस कार्यक्रम में कोई व्यवधान डालना या सस्ती लोकप्रियता के लिए हंगामा खड़ा करना कतई नहीं है। उन्होंने भावुक होते हुए याद दिलाया कि उनकी राजनीतिक हैसियत और विधानसभा की कुर्सी इसी जनता की बदौलत है। इसलिए जब जनता अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए धक्के खा रही है, तो उनका असली स्थान मंच के आरामदायक सोफे पर नहीं, बल्कि इसी भीड़ का हिस्सा होना है।

अधिकारियों के फूले हाथ-पांव और फजीहत का डर: एक मौजूदा विधायक का सरकार या प्रशासन के सामने आम जनता की तरह न्याय की गुहार लगाने के लिए बैठ जाना, मौके पर मौजूद अधिकारियों के लिए किसी भारी फजीहत से कम नहीं था। जैसे ही आला अधिकारियों की नजर जनता के बीच बैठे विधायक पर पड़ी, पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और वे बदहवासी में दौड़कर विधायक के पास पहुंचे। कार्यक्रम का एजेंडा अचानक जनसमस्याओं से हटकर 'विधायक जी को मनाने' पर केंद्रित हो गया।

मौके की नजाकत और मीडिया के कैमरों को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। विधायक जनकराज से काफी मान-मनौव्वल की गई। लंबी जद्दोजहद और भारी मिन्नतों के बाद, आखिरकार अधिकारी उन्हें जनता के बीच से उठाकर ससम्मान 'सरकार जनता के द्वार' कार्यक्रम के मुख्य स्टेज तक ले जाने में कामयाब रहे। हालांकि, अधिकारियों ने उन्हें मंच पर तो बैठा दिया, लेकिन इस घटना ने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है कि जब एक विधायक की सुनवाई नहीं हो रही, तो आम आदमी का क्या हाल होगा?

 

Have something to say? Post your comment

हिमाचल में और

भारतीय फुटबॉल में शर्मनाक पतन का दौर जारी, वर्ल्ड कप क्वालीफायर्स में फजीहत के बाद कोच को किया गया बर्खास्त

ब्रिक्स संसदीय मंच के समापन के बाद सीधे सिहुंता पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया, साझा किए अनुभव

विधायी संस्थाओं की प्रभावशीलता पर निर्भर है लोकतंत्र की मजबूती: कुलदीप पठानिया

हिमाचल में करवा चौथ पर सार्वजनिक अवकाश का ऐलान: अब महिलाओं के साथ पुरुषों को भी मिलेगी छुट्टी - पढ़ें पूरी खबर

शिमला के सुन्नी क्षेत्र से 55 वर्षीय अस्वस्थ व्यक्ति लापता, पुलिस ने दर्ज की गुमशुदगी की रिपोर्ट - पढ़ें पूरी खबर..

नियमों की अनदेखी पड़ी भारी: हिमाचल में Engineer-in-Chief को तत्काल पद से हटने का हाई कोर्ट का फरमान - 11 नवंबर तक नई नियुक्ति का अल्टीमेटम - पढ़ें पूरी खबर

किन्नौर के कानम गांव में आग का तांडव: 3 मकान और 2 गोशालाएं जलकर राख, करोड़ों का नुकसान

हाईकोर्ट का कड़ा प्रहार: PWD के प्रमुख अभियंता का सेवा विस्तार अवैध करार, तत्काल पद छोड़ने के आदेश

हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलेगा: 29 अक्टूबर से बारिश और बर्फबारी का येलो अलर्ट

मंडी के सरकाघाट में दर्दनाक हादसा: गलती से जहरीला पदार्थ निगलने से मां की मौत, बेटी अस्पताल में भर्ती