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हिमाचल

हिमाचल में आज बिजली कर्मचारी-इंजीनियरों का प्रदर्शन, सरकार के तानाशाही रवैये पर भड़के बिजली बोर्ड के कर्मचारी और अधिकारी, ब्लैक आउट की स्थिति के तरफ हिमाचल, पढ़ें पूरी खबर..

October 28, 2024 12:10 PM
File Photo
Om Prakash Thakur

कर्मचारी किसी संस्था या सरकार की रीढ़ की हड्डी होते हैं, आदेशों का अनुपालन व क्रियान्वयन कर्मचारियों के सहयोग के बिना नहीं हो सकता है। जिस भी संस्था या राज्य सरकार के कर्मचारी उनसे टकराव की स्थिति में हो वह संस्था कभी विकास के पथ पर अग्रसर कैसे हो सकती है। ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाने वाले कर्मचारियों को सेवा निवृत्ति पर संतोष होता है। लेकिन हिमाचल में बिजली बोर्ड के कर्मचारी 21 महीने से पुरानी पेंशन योजना की लड़ाई लड़ रहे हैं। सूक्खु सरकार और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों में टकराव इतना बड़ गया है कि प्रदेश में ब्लैक आउट की स्थिति पनप सकती है। हिमाचल में आज बिजली कर्मचारी और अधिकारी सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन कर रहें है। अगर सरकार ने इनकी मांगे नही मानी तो प्रदेश भर में ब्लैक आउट की स्थिति पैदा हो सकती है। पढ़ें पूरी खबर..

शिमला: (HD News); हिमाचल में बिजली बोर्ड कर्मचारी आज प्रदेशभर में प्रदर्शन करेंगे। विद्युत कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना (OPS) और इंजीनियरों के समाप्त किए गए 51 पदों की बहाली और नौकरी से हटाए गए 81 आउटसोर्स ड्राइवरों को वापस नौकरी पर रखने की मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगे। राज्य सरकार इनकी मांगे नहीं मानती है तो दिवाली के बाद बिजली कर्मचारी प्रदेश में ब्लैक आउट करेंगे। बिजली बोर्ड कर्मचारियों और इंजीनियरों के संयुक्त मोर्चे पहले ही इसकी चेतावनी दे चुका हैं। जाहिर है कि इससे आने वाले दिनों में बिजली बोर्ड और कर्मचारियों में टकराव देखने को मिलेगा।

बता दें कि आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार ने हाल ही में बिजली बोर्ड में इंजीनियरों के 51 पद गैर जरूरी बताकर समाप्त करने का फैसला लिया है। इसी तरह 10 से 15 सालों से आउटसोर्स पर सेवाएं दे रहे 81 ड्राइवरों को नौकरी से निकाल दिया गया है बोर्ड कर्मचारी और इंजीनियर इससे तिलमिला उठे हैं और आर पार की लड़ाई के लिए तैयार हो गए हैं। फिलहाल आज सांकेतिक धरना है। आंदोलन की अगली रणनीति का ऐलान आज किया जाएगा।

संयुक्त मोर्चे के सह संयोजक हीरा लाल वर्मा ने कहा कि बिजली बोर्ड के कर्मचारी 21 महीने से पुरानी पेंशन योजना की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस बीच सरकार ने दो ऐसे फैसले लिए हैं, जिससे बिजली बोर्ड के कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने बताया कि इंजीनियरों के 51 पद समाप्त करने और 81 ड्राइवरों को नौकरी से हटाने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। इसे वापस नहीं लिया गया तो कर्मचारी काम छोड़कर उग्र आंदोलन करेंगे। इससे प्रदेश में ब्लैक आउट की स्थिति पनप सकती है।

हीरालाल वर्मा ने कहा कि 4 दिन पहले प्रदेश सरकार द्वारा मंत्री राजेश धर्माणी की अध्यक्षता में गठित कैबिनेट सब कमेटी के साथ जॉइंट फ्रंट की बैठक हुई है, जिसमें सरकार की तरफ बिजली बोर्ड की कई इकाइयों को विघटित करने की बात हो रही है। जिसमें संचार लाइन व उप केंद्र तथा अन्य संपत्तियों को बिजली बोर्ड से अलग करने की तैयारी है।

 

AIEPF भी समर्थन में उतरी

हिमाचल सरकार के इस फैसले पर ऑल इंडिया इंजीनियर पावर फेडरेशन (AIEPF) में भी हैरानी जताई और मीडिया को जारी बयान में कहा यदि सरकार इंजीनियरों के 51 पद समाप्त करने और नौकरी से निकाले गए ड्राइवरों को नौकरी पर वापस नहीं रखती तो AIEPF भी आंदोलन के समर्थन में उतरेगी।

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