"न्याय के सबसे बड़े मंदिर पर दहशत का साया: शिमला स्थित हिमाचल हाईकोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी" हिमाचल प्रदेश की राजधानी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब न्याय के सर्वोच्च संस्थान, 'हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट' को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली। ईमेल के जरिए मिली इस गुमनाम चुनौती ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। यह महज एक इत्तेफाक नहीं है कि पिछले कुछ समय में तीसरी बार इस प्रतिष्ठित परिसर को निशाना बनाने की कोशिश की गई है। पुलिस और सुरक्षा बल फिलहाल इस 'अदृश्य खतरे' की तह तक जाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर..
शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court) को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी हाईकोर्ट की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजी गई है, जिससे सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया और तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया।

सुरक्षा एजेंसियों का सघन तलाशी अभियान
धमकी भरा ईमेल प्राप्त होते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बम निरोधक दस्ता (BDS) और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा बलों ने पूरे हाईकोर्ट परिसर को अपने घेरे में ले लिया और चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी शुरू कर दी। कोर्ट रूम से लेकर प्रशासनिक खंड और पार्किंग एरिया तक को पूरी तरह सैनिटाइज किया जा रहा है। हालांकि, अब तक की जांच में परिसर के भीतर से कोई भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
तीसरी बार मिली ऐसी धमकी
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट को निशाना बनाने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले भी दो बार ईमेल के जरिए इसी तरह की धमकी दी जा चुकी है। पिछले मामलों में भी सुरक्षा एजेंसियों ने घंटों तक सर्च ऑपरेशन चलाया था, लेकिन अंत में वे केवल अफवाह ही साबित हुईं। बार-बार मिल रही इन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है और अब इनके स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

अदालत की कार्यवाही सामान्य, स्थिति नियंत्रण में
ताजा धमकी के बावजूद हाईकोर्ट प्रशासन ने धैर्य बनाए रखा है। राहत की बात यह है कि कोर्ट परिसर में स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। हाईकोर्ट की सभी बेंचों में न्यायिक कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और सुनवाई बाधित नहीं हुई है। सुरक्षा के लिहाज से परिसर में आने-जाने वाले लोगों की चेकिंग बढ़ा दी गई है।
साइबर सेल खंगाल रही है ईमेल की डिटेल
पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल की मदद ले रही है। जिस ईमेल आईडी से यह धमकी भेजी गई है, उसके IP एड्रेस और लोकेशन को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की झूठी सूचना फैलाकर व्यवस्था में व्यवधान डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट को मिली यह धमकी भले ही अब तक की जांच में एक 'होक्स कॉल' या अफवाह नजर आ रही है, लेकिन न्यायपालिका जैसे संवेदनशील संस्थान को बार-बार इस तरह निशाना बनाना गंभीर चिंता का विषय है। यह न केवल सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता की परीक्षा है, बल्कि साइबर अपराधियों द्वारा कानून व्यवस्था को दी जा रही सीधी चुनौती भी है।
हालांकि पुलिस और बम निरोधक दस्ता पूरी मुस्तैदी से परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि ऐसी धमकियों के पीछे छिपे वास्तविक चेहरों को बेनकाब किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर विराम लग सके और न्याय की प्रक्रिया बिना किसी भय या व्यवधान के जारी रह सके।
डिस्क्लेमर : यह समाचार प्राप्त प्राथमिक जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। खबर का उद्देश्य केवल सूचना साझा करना है, किसी भी प्रकार की दहशत या अफवाह फैलाना नहीं। पाठकों से अनुरोध है कि स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए केवल आधिकारिक पुलिस बयानों और विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें।