हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के गौरव और करोड़ों लोगों की अगाध आस्था के केंद्र ऐतिहासिक श्री हनुमान मंदिर जाखू के वैभव को अब नया विस्तार मिलने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने मंदिर के सर्वांगीण विकास और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹5, 67, 14, 944 के भव्य जीर्णोद्धार प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। यह प्रोजेक्ट न केवल मंदिर की पौराणिक भव्यता को संजोए रखेगा, बल्कि यहाँ देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों की अत्याधुनिक सुविधाएं भी सुनिश्चित करेगा। खास बात यह है कि इस महापरियोजना का संपूर्ण वित्तीय भार जाखू मंदिर न्यास स्वयं अपने स्रोतों से वहन करेगा, जो धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश करेगा। पढ़ें पूरी खबर.
शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के विश्व विख्यात और ऐतिहासिक श्री हनुमान मंदिर जाखू के जीर्णोद्धार की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने मंदिर के कायाकल्प से संबंधित ₹5, 67, 14, 944 (करीब 5.67 करोड़) के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इस निर्णय के बाद अब जाखू मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा और परिसर का स्वरूप पूरी तरह से आधुनिक व भव्य नजर आएगा।

ट्रस्ट स्वयं उठाएगा जीर्णोद्धार का पूरा खर्च
विशेष बात यह है कि इस भव्य प्रोजेक्ट के निर्माण पर होने वाले कुल खर्च का वहन श्री हनुमान जी मंदिर न्यास (ट्रस्ट) जाखू अपने निजी स्रोतों के माध्यम से करेगा। सरकार ने मंजूरी देते हुए स्पष्ट किया है कि मंदिर की अपनी आय और दान राशि का उपयोग इन विकास कार्यों में किया जाएगा। अब इस विस्तृत कार्य योजना को नगर निगम शिमला के माध्यम से राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद धरातल पर निर्माण कार्य शुरू होगा।
वैदिक शैली में होगा भव्य यज्ञशाला का निर्माण
जीर्णोद्धार प्रोजेक्ट के तहत मंदिर परिसर में एक भव्य यज्ञशाला का निर्माण प्रस्तावित है, जो पूरी तरह से वैदिक परंपराओं और हिंदू संस्कृति की पारंपरिक शैलियों पर आधारित होगी। यह यज्ञशाला 'मंडप' आधार पर तैयार की जाएगी, जिसमें 16 नक्काशीदार पिलर और 32 रूफ सपोर्टिंग कॉलम होंगे। इसमें शास्त्रों के अनुसार वेदी, तोरण, ध्वज और पताका की व्यवस्था की जाएगी, जो मंदिर के आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक प्रभावी बनाएगी।

श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक शू-हाउस और पार्किंग की सुविधा
मंदिर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रबंधन ने सुविधाओं को आधुनिक बनाने का निर्णय लिया है। प्रोजेक्ट के अनुसार 22.41 वर्ग मीटर में एक विशाल शू-हाउस बनाया जाएगा, जहाँ श्रद्धालुओं को टोकन सिस्टम की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही, जाखू में सबसे बड़ी समस्या पार्किंग की रहती है, जिसे हल करने के लिए ₹40 लाख की लागत से नई पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
परिसर का विस्तार और सुंदरीकरण
प्रोजेक्ट में भगवान हनुमान की विशाल प्रतिमा के आगे के क्षेत्र का विस्तारीकरण किया जाना है। इसके अतिरिक्त, कीर्तन भवन में नई रेलिंग, मंदिर कार्यालय का जीर्णोद्धार, सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत और भंडारा भवन का आधुनिकीकरण भी शामिल है। मंदिर परिसर में ही बच्चों के मनोरंजन के लिए एक पार्क विकसित किया जाएगा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छह नई दुकानों का निर्माण भी प्रस्तावित है।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा जाखू मंदिर: उपायुक्त
शिमला के उपायुक्त एवं जाखू मंदिर न्यास के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए वर्तमान व्यवस्थाओं को अपग्रेड करना आवश्यक हो गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद अब औपचारिकताओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। जल्द ही निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी ताकि भविष्य में जाखू आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व
जाखू मंदिर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब लक्ष्मण जी के प्राण बचाने के लिए हनुमान जी संजीवनी बूटी लेने हिमालय की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने जाखू पर्वत पर तपस्या कर रहे यक्ष ऋषि से भेंट करने के लिए यहाँ विश्राम किया था। यक्ष ऋषि ने ही उन्हें संजीवनी बूटी का मार्ग बताया था। आज यह स्थान करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और जीर्णोद्धार के बाद इसका धार्मिक पर्यटन महत्व और अधिक बढ़ जाएगा।