हिमाचल प्रदेश की चौदहवीं विधानसभा के 11वें सत्र (बजट सत्र) को लेकर सुरक्षा प्रबंधों की तैयारी पूरी हो चुकी है। आज विधानसभा सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने वरिष्ठ अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा अभेद्य होनी चाहिए, लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सत्र के दौरान माननीय सदस्यों और अधिकारियों के आवागमन में कोई बाधा या असुविधा न आए। पढ़ें विस्तार से -
शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश की चौदहवीं विधान सभा के आगामी 11वें सत्र (बजट सत्र) की तैयारियों को लेकर आज विधान सभा सचिवालय में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद होनी चाहिए, लेकिन इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जाए कि माननीय सदस्यों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को कम से कम असुविधा हो।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा तकनीकी निर्णय लेते हुए अध्यक्ष ने बताया कि इस बार सभी प्रवेश पत्र ऑनलाइन के बजाय हस्तलिखित (Manual) माध्यम से जारी किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि हिमाचल प्रदेश ने हाल ही में 'राष्ट्रीय ई-विधान' (NEVA) प्रणाली को अपनाया है और इसका कार्य अभी प्रक्रिया के अधीन है, इसलिए व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने पहचान पत्र और पास प्रमुखता से प्रदर्शित करें ताकि सुरक्षा कर्मियों द्वारा बार-बार होने वाली फ्रिस्किंग की आवश्यकता न रहे।
बैठक में मीडिया कर्मियों और सचिवालय कर्मचारियों की सुविधा के लिए प्रवेश द्वारों का निर्धारण भी किया गया। प्रेस संवाददाताओं का प्रवेश पूर्व की भांति गेट नंबर 3, 4, 5 और 6 से ही होगा। सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार के खिलवाड़ को रोकने के लिए यह भी तय किया गया कि कोई भी व्यक्ति अपना सरकारी पास किसी अन्य को हस्तांतरित नहीं करेगा। यदि कोई अपना पास किसी दूसरे को देते हुए पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

सुरक्षा के व्यापक घेरे की जानकारी देते हुए पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने अवगत कराया कि पूरे सत्र के दौरान लगभग 500 पुलिस जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा, पूरे परिसर की निगरानी आधुनिक कैमरों के माध्यम से की जाएगी। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आसन द्वारा जारी निर्देश संख्या-140 की अक्षरक्ष: अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी।
यातायात व्यवस्था को लेकर निर्णय लिया गया कि विधान सभा की मुख्य पार्किंग केवल मंत्रियों, विधायकों और प्रशासनिक सचिवों के वाहनों के लिए आरक्षित रहेगी। मीडिया कर्मियों और सचिवालय कर्मियों के लिए अलग से पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं। इसके साथ ही, सदन के भीतर मोबाइल फोन और पेजर ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सदन के अंदर फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करना वर्जित होगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अंत में, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर देते हुए अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि परिसर में एक आधुनिक एम्बुलेंस और मेडिकल स्टाफ हर समय तैनात रहे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को भवन की आवश्यक मरम्मत और पूरे परिसर की साफ-सफाई को उच्च स्तर पर बनाए रखने के सख्त आदेश दिए। बैठक में प्रदेश सरकार के कई अतिरिक्त मुख्य सचिव, जिलाधीश शिमला, पुलिस अधीक्षक और विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।