हिमाचल प्रदेश में राजस्व घाटा अनुदान (RDG) में हुई भारी कटौती ने सूबे की सियासत में उबाल ला दिया है। इस संकट के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज अपने दिल्ली दौरे के लिए रवाना हो गए, जहाँ वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के समक्ष प्रदेश का पक्ष रखेंगे और कांग्रेस हाईकमान के साथ संगठन विस्तार पर रणनीतिक चर्चा करेंगे। दिल्ली कूच करने से पहले मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर सीधा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व प्रदेश के हितों की रक्षा करने के बजाय केवल सत्ता परिवर्तन के सपने देख रहा है।
शिमला: (HD News); हिमाचल प्रदेश में राजस्व घाटा अनुदान (RDG) में कटौती को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री न केवल कांग्रेस हाईकमान के साथ संगठन विस्तार पर चर्चा करेंगे, बल्कि प्रदेश के हक की लड़ाई लड़ते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मुलाकात करेंगे। दिल्ली कूच करने से पहले मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'कुर्सी का मोह' त्याग कर प्रदेश हित में साथ खड़े होने की नसीहत दे डाली।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि RDG के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय विपक्ष को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर हिमाचल का पक्ष रखना चाहिए। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के दावों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जयराम ठाकुर प्रदेश के हितों की अनदेखी कर केवल इस फिराक में हैं कि कब भाजपा की सरकार बने। सीएम ने खुलासा किया कि वित्त विभाग की महत्वपूर्ण प्रेजेंटेशन में नेता प्रतिपक्ष खुद नहीं आए और अब वह चिट्ठी को लेकर झूठ फैला रहे हैं, जबकि उन्हें व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया गया था।
पूर्व भाजपा सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर के कार्यकाल में हिमाचल को 54 हजार करोड़ की RDG और 16 हजार करोड़ का GST कंपनसेशन मिला था, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार को तीन साल में केवल 17 हजार करोड़ की RDG मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने वित्तीय कुप्रबंधन के जरिए केवल ठेकेदारों को उपकृत किया और कर्मचारियों व पेंशनरों की 10 हजार करोड़ की देनदारियां विरासत में छोड़ दीं।

अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि वर्तमान सरकार ने राजस्व में 3800 करोड़ रुपये का इजाफा किया है। उन्होंने प्रदेश की जनता और कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि आने वाले समय में सरकार भले ही कुछ कड़े फैसले ले, लेकिन हिमाचल के विकास की गति रुकने नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न तो कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन प्रभावित होगी और न ही कोई विकास परियोजना रुकेगी।
मुख्यमंत्री ने अंत में बेहद आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि वह दिल्ली में हिमाचल के हक की लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे। उन्होंने कहा, "मुझे हक की लड़ाई लड़नी भी आती है और उसे जीतना भी आता है।" दिल्ली में सीएम सुक्खू कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रदेश संगठन में फेरबदल और आगामी रणनीतियों पर भी मंथन करेंगे। 