सनातन धर्म में दस महाविद्याओं में से एक मां बगलामुखी को शत्रुओं का नाश करने और जीवन के सभी कष्टों को दूर करने वाली शक्तिशाली देवी माना गया है। पंचांग के अनुसार, उदया तिथि की गणना के चलते इस वर्ष वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि यानी आज, 24 अप्रैल 2026 को मां बगलामुखी जयंती (Maa Baglamukhi Jayanti) मनाई जा रही है। मान्यता है कि देवी पीताम्बरा की सच्चे मन से की गई आराधना जीवन की हर बाधा से मुक्ति दिलाती है। अगर आप भी अपने जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता चाहते हैं, तो आइए जानते हैं आज पूजा का शुभ मुहूर्त, देवी को प्रसन्न करने वाली सरल विधि और मनोकामना पूर्ति के अचूक मंत्र...
HD News HP : सनातन धर्म में वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी पावन दिन पर मां बगलामुखी का अवतरण हुआ था। आज, 24 अप्रैल 2026 को देशभर में मां बगलामुखी जयंती पूरी श्रद्धा और भक्ति-भाव के साथ मनाई जा रही है। दस महाविद्याओं में से एक, देवी बगलामुखी को 'मां पीताम्बरा', 'बगला' और 'ब्रह्मास्त्र विद्या' के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी भक्त सच्चे मन से माता की आराधना करता है, उसके जीवन की हर बाधा दूर हो जाती है और उसे अपने बड़े से बड़े शत्रुओं पर भी विजय प्राप्त होती है।
प्राचीन मंदिर माता श्री बगलामुखी देवी ट्रस्ट बनखंडी की ओर से आप सभी भक्त जनों को महामाया महाविद्या माता श्री बगलामुखी देवी जी के पावन प्रकट दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

तिथि को लेकर दूर करें कन्फ्यूजन
इस वर्ष बगलामुखी जयंती की तारीख को लेकर भक्तों में थोड़ी असमंजस की स्थिति रही। पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 23 अप्रैल (गुरुवार) की रात 8 बजकर 50 मिनट पर हुआ था। यह तिथि आज यानी 24 अप्रैल (शुक्रवार) की शाम 7 बजकर 22 मिनट तक व्याप्त रहेगी। इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी। सनातन धर्म में 'उदया तिथि' (सूर्य उदय के समय की तिथि) को प्रधानता दी जाती है, अतः उदया तिथि की गणना के अनुसार मां बगलामुखी जयंती आज, 24 अप्रैल को ही मनाई जा रही है।
आज पूजा के शुभ मुहूर्त (24 अप्रैल 2026)
माता की आराधना के लिए आज कई शुभ योग और मुहूर्त बन रहे हैं। आप अपनी सुविधानुसार नीचे दिए गए मुहूर्तों में से किसी भी समय माता की पूजा संपन्न कर सकते हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:19 से 05:03 तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:53 से 12:46 तक
- अमृत काल: दोपहर 14:01 से 15:35 तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 14:30 से 15:23 तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 18:51 से 19:13 तक
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 18:52 से 19:57 तक

मां बगलामुखी की सरल पूजा विधि
मां पीताम्बरा को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इनकी पूजा में पीले रंग का विशेष ध्यान रखा जाता है। पूजा की विधि इस प्रकार है:
- वस्त्र और आसन: माता की साधना करते समय स्नान के बाद पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा में बैठने के लिए आसन भी पीले रंग का ही होना चाहिए।
- प्रतिमा स्थापना: एक साफ लकड़ी की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर मां बगलामुखी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- दीपक और कलश: माता के समक्ष घी या तिल के तेल का दीपक प्रज्वलित करें और कलश की स्थापना करें।
- सामग्री अर्पण: माता को पीले फूल (जैसे गेंदा या कनेर), हल्दी, पीला चंदन और पीले रंग के ही भोज्य पदार्थों (जैसे बेसन के लड्डू या केले) का भोग लगाएं।
- जाप और आरती: पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना करने के बाद अपनी मनोकामना के अनुसार माता के मंत्रों का जाप करें। अंत में मां बगलामुखी की आरती उतारें और परिवार व भक्तों में प्रसाद का वितरण करें।

मनोकामना पूर्ति हेतु मां बगलामुखी के अचूक मंत्र
शास्त्रों में विभिन्न समस्याओं के निवारण और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मां बगलामुखी के अलग-अलग मंत्र बताए गए हैं। पूजा के समय इनमें से किसी एक मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप अवश्य करें:
1. एकाग्रता बढ़ाने हेतु:
जिह्वाग्रमादाय करेण देवीं, वामेन शत्रून् परि-पीडयन्तीम् ।
गदाभिघातेन च दक्षिणेन, पीताम्बराढ्यां द्विभुजां नमामि ।।
2. दरिद्रता नाश हेतु:
श्री हृीं ऐं भगवती बगले मे श्रियं देहि-देहि स्वाहा।।
3. भय नाशक मंत्र:
ॐ ह्लीं ह्लीं ह्लीं बगले सर्व भयं हन।।
4. शत्रुनाशक मंत्र (शत्रुओं पर विजय पाने के लिए):
ॐ बगलामुखी देव्यै ह्लीं ह्रीं क्लीं शत्रु नाशं कुरु।।
5. परीक्षा में अच्छे परिणाम के लिए:
ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं बगलामुखी देव्यै ह्लीं साफल्यं देहि देहि स्वाहा:।।
नोट: मंत्रों का जाप स्फटिक या हल्दी की माला से करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
मां बगलामुखी की साधना केवल शत्रुओं पर विजय पाने के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, शुद्धि और मानसिक शक्ति प्राप्त करने के लिए भी की जाती है। 'ब्रह्मास्त्र विद्या' के रूप में विख्यात माता का यह जन्मोत्सव हमारे भीतर के नकारात्मक विचारों और भय को समाप्त करने का एक दिव्य अवसर है। आज 24 अप्रैल को शुभ मुहूर्त में मां पीताम्बरा की विधि-विधान से पूजा और उनके मंत्रों का जाप आपके जीवन में सुख, समृद्धि और सुरक्षा का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। याद रखें, माता की पूजा में शुद्धता और पीले रंग के प्रयोग का विशेष महत्व है, इसलिए पूरी निष्ठा के साथ इस पावन पर्व को मनाएं और मां का आशीर्वाद प्राप्त करें।
जय मां बगलामुखी!
