फ़ारस की खाड़ी में लंबे समय से जारी सैन्य तनाव को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता हो गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की मध्यस्थता में हुई इस बातचीत के बाद दोनों देशों ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने का एलान किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने इस समझौते की पुष्टि की है, जिसके तहत रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग 'होर्मुज़ स्ट्रेट' को फिर से खोला जाएगा। इस समझौते पर आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसके बाद वैश्विक बाज़ार में तेल की निर्बाध आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। पढ़ें विस्तार से..
वाशिंगटन: (HD News); फ़ारस की खाड़ी में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हो गया है। इस बेहद महत्वपूर्ण बातचीत की मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने 'एक्स' (ट्विटर) पर इसकी आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्ष लेबनान सहित सभी मोर्चों पर अपनी सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। इस समझौते पर आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे।

राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दावा: "मेरे अलावा सभी राष्ट्रपति ईरान के साथ शांति लाने में रहे नाकाम"
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 80वें जन्मदिन के मौक़े पर 'ट्रुथ सोशल' पर इस समझौते की पुष्टि करते हुए इसे पूरे क्षेत्र में शांति लाने वाली एक "शानदार डील" बताया है। ट्रंप ने दावा किया कि उनसे पहले कई राष्ट्रपति ईरान के साथ शांति स्थापित करने में नाकाम रहे। 'न्यूजयॉर्क टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ईरान अंतिम परमाणु समझौते तक नहीं पहुंचता है, तो अमेरिकी सैन्य हमले फिर शुरू हो जाएंगे या फिर अमेरिका को कुल आय के पांचवें हिस्से के बदले "मध्य पूर्व का संरक्षक" बना दिया जाएगा।
होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने की तैयारी, वैश्विक तेल बाज़ार को बड़ी राहत
इस समझौते की सबसे बड़ी उपलब्धि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज़ स्ट्रेट' को फिर से खोला जाना है। 28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद, ईरान ने इस मुख्य समुद्री मार्ग को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई थी। राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, शुक्रवार को हस्ताक्षर होने के साथ ही समुद्री बारूदी सुरंगें हटा दी जाएंगी और तेल की आवाजाही फिर से निर्बाध और 'स्थायी रूप से टोल मुक्त' हो जाएगी। इस घोषणा के बाद एशिया के शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।

यूरोपीय देशों और G7 ने किया स्वागत, फ्रांस में होगी आगे की रणनीति पर चर्चा
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली (E4 समूह) के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस कूटनीतिक सफलता की सराहना की है। उन्होंने इस प्रक्रिया में शामिल अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान और कतर को बधाई देते हुए कहा कि वे इस मौक़े का सदुपयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जानकारी दी कि इस सप्ताह फ्रांस के एवियन शहर में होने वाली G7 नेताओं की बैठक में होर्मुज़ स्ट्रेट को लंबे समय के लिए खुला रखने की योजना पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी।
14 बिंदुओं वाले मसौदे का दावा, पुनर्निर्माण के लिए $300 अरब और प्रतिबंध हटाना ईरान की प्राथमिकता
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने बताया कि कतर के मध्यस्थों के साथ तेहरान में 14 से 15 घंटे की लंबी मैराथन बैठक के बाद इस 'इस्लामाबाद मेमोरैंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग' के मसौदे को अंतिम रूप दिया गया। अंतिम समझौते पर अगले 60 दिनों में बातचीत होगी, जिसमें ईरान की मुख्य प्राथमिकता खुद पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटवाना है। ईरानी मीडिया के अनुसार, 14 बिंदुओं के इस मसौदे में स्थायी युद्धविराम, परमाणु हथियार न बनाने की ईरान की प्रतिबद्धता, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाना और ईरान के पुनर्निर्माण के लिए अमेरिका व सहयोगियों द्वारा कम से कम 300 अरब डॉलर देने जैसी महत्वपूर्ण शर्तें शामिल हैं।
