शिमला (HD News): हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने राज्य की सीमाओं पर हो रहे अवैध खनन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार अवैध खनन के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि मानसून सीजन के मद्देनजर वर्तमान में सितंबर माह तक राज्य में खनन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है। इस अवधि के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों और अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

उद्योग मंत्री ने विशेष रूप से हिमाचल-पंजाब सीमा पर सक्रिय खनन माफियाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि जहां भी अवैध खनन की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहां त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि इस मामले में न केवल अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों, बल्कि संबंधित विभागों के अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जा रही है ताकि किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जा सके। सरकार पर्यावरण और राज्य के राजस्व की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
प्रदेश के औद्योगिक विकास से जुड़ी महत्वाकांक्षी बल्क ड्रग पार्क परियोजना का जिक्र करते हुए उद्योग मंत्री ने इसकी प्रगति रिपोर्ट साझा की। उन्होंने कहा कि इसका निर्माण कार्य बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब तक करीब 15 से 20 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। इस महापरियोजना के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, जिसके तहत बिजली आपूर्ति से जुड़ा लगभग 75 प्रतिशत और पेयजल व्यवस्था से जुड़ा 95 प्रतिशत कार्य संपन्न हो चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शेष बची टेंडर प्रक्रियाओं को भी जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

बल्क ड्रग पार्क क्षेत्र में बेहतर परिवहन और कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है। उद्योग मंत्री ने बताया कि पार्क क्षेत्र तक पहुँच को सुगम बनाने के लिए यहां डबल लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को आवश्यक धनराशि पहले ही जारी कर दी गई है, ताकि सड़क निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए और परियोजना समय पर पूरी हो सके।
इसके साथ ही, अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी के मामले पर उद्योग मंत्री ने भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण पूरे देश और करोड़ों हिंदुओं की अगाध आस्था का प्रतीक है, लेकिन आस्था के नाम पर किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या चोरी को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने हमेशा राम के नाम पर वोट मांगे हैं और इस पवित्र नाम को राजनीतिक लाभ के लिए भुनाने की कोशिश की है।

हर्षवर्धन चौहान ने सख्त लहजे में कहा कि राम मंदिर किसी एक राजनीतिक दल की निजी संपत्ति या 'ट्रेडमार्क' नहीं है और न ही भाजपा के पास भगवान राम का कोई 'कॉपीराइट' है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चूंकि यह विषय करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसमें पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही होना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में विपक्ष और देश के नागरिकों के नाते कांग्रेस को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है।