हिमाचल पुलिस के मशहूर 'हारमनी ऑफ द पाइन्स' बैंड के प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार को अचानक सस्पेंड कर दिया गया है! देश-विदेश में अपनी धुनों से पुलिस का नाम रोशन करने वाले विजय कुमार पर बिना विभागीय अनुमति के यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से कमाई करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस मुख्यालय ने कारण बताओ नोटिस का जवाब मिलने के बाद यह सख्त एक्शन लिया है और डीएसपी स्तर पर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी रिपोर्ट 3 महीने में आएगी। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब हिमाचल पुलिस महकमे के भीतर छोटे और बड़े अधिकारियों पर होने वाले एक्शन को लेकर एक नई आंतरिक बहस छिड़ गई है! पढ़ें विस्तार से..
शिमला: हिमाचल प्रदेश पुलिस के सबसे लोकप्रिय और चर्चित चेहरे में से एक, 'हारमनी ऑफ द पाइन्स' (Harmony of the Pines) ऑर्केस्ट्रा बैंड के प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार को पुलिस मुख्यालय के आदेश पर निलंबित कर दिया गया है। देश-विदेश में अपनी सुरीली धुनों से राज्य पुलिस की सकारात्मक और मानवीय छवि गढ़ने वाले इस प्रसिद्ध बैंड के मुखिया पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए निजी तौर पर कमाई करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले की भनक लगते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, जिसके बाद मुख्यालय ने तुरंत प्रभाव से अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर विजय कुमार के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच पुलिस लाइन भराड़ी के डीएसपी कमल किशोर को सौंपी गई है। उन्हें पूरे मामले की गहनता से छानबीन करने और आगामी 3 महीने के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को प्रस्तुत करने की समय-सीमा दी गई है। हालांकि विभाग की ओर से अभी तक इस निलंबन के सभी असली और अंतर्निहित कारणों को लेकर कोई भी आधिकारिक जानकारी खुलकर सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी गर्म हैं।

निलंबन की इस बड़ी गाज गिरने से पहले पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय की ओर से इंस्पेक्टर विजय कुमार को एक विस्तृत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस में उनसे बेहद कड़े और सीधे सवाल पूछे गए थे, जिसमें सबसे प्रमुख बिंदु यह था कि क्या उन्होंने विभाग के सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लिए बिना ही निजी म्यूजिक एल्बम का निर्माण, प्रकाशन और उसका व्यावसायिक प्रचार-प्रसार किया था? इसके साथ ही उनसे यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हुई निजी आय का पूरा ब्योरा प्रस्तुत करने को कहा गया था। विभाग ने उनसे यह भी स्पष्ट करने की मांग की थी कि वे किस नियम या कानूनी प्रावधान के तहत इन निजी व्यावसायिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। इस नोटिस का जवाब इंस्पेक्टर विजय कुमार ने 3 जुलाई 2026 को पुलिस मुख्यालय के समक्ष प्रस्तुत भी किया था।

अगर 'हारमनी ऑफ द पाइन्स' बैंड के इतिहास पर नजर डालें, तो इसकी शुरुआत साल 1996 में हिमाचल पुलिस के जवानों की ड्यूटी के भारी तनाव को कम करने के एक छोटे से प्रयास के रूप में हुई थी। शुरुआती दौर में इस टीम में महज 6 सदस्य हुआ करते थे, जो समय के साथ अपनी प्रतिभा के दम पर बढ़कर 17 सदस्यों तक पहुंच गई। इस बैंड ने न केवल भारत में बल्कि कनाडा, सिंगापुर, अमेरिका और दुबई जैसे देशों में भी अपनी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब नाम कमाया है। इस बैंड को देशव्यापी पहचान कलर्स टीवी के लोकप्रिय रियलिटी शो 'हुनरबाज, देश की शान' से मिली थी, जहां इनके प्रदर्शन को पूरे देश ने सराहा था। वर्तमान में इस टीम में एएसआई ठाकुर दास, हेड कांस्टेबल नरेश, राजेश कुमार, कांस्टेबल कार्तिक, मंजीत, मनमोहन, हितेश, आशीष, दलीप, कमल, प्रशांत, कशिश और महिला कांस्टेबल कृतिका तंवर व दीपिका मुस्कान जैसे हुनरमंद शामिल हैं।
इंस्पेक्टर विजय कुमार पर हुई इस अचानक कार्रवाई ने हिमाचल पुलिस महकमे के भीतर एक नई आंतरिक बहस और असंतोष को भी हवा दे दी है। हाल के दिनों में न्यू शिमला के तत्कालीन थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कल्याण, निरीक्षक विरोचन नेगी, निरीक्षक विवेक और उपनिरीक्षक राकेश जैसे कई मध्यम व छोटे रैंक के अधिकारियों पर अलग-अलग मामलों में निलंबन और तबादले की सख्त गाज गिरी है। विभाग के भीतर अब दबी जुबान में यह सवाल उठने लगे हैं कि नियमों के उल्लंघन के मामले में केवल छोटे और मध्यम रैंक के अधिकारियों पर ही इतनी त्वरित और सख्त कार्रवाई क्यों की जा रही है, जबकि ऊंचे पदों पर बैठे बड़े अधिकारियों के मामलों में ऐसा कड़ा रुख देखने को नहीं मिलता है। इस कथित भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर पुलिस विभाग के निचले कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच आंतरिक चर्चाओं का बाजार काफी गर्म हो गया है।
